नई दिल्ली।

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और भूमि घोटाले में ईडी की जांच का सामना कर रहे रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका वाड्रा आज तीसरे दिन गंगाजी में नाव (steamboat) की सवारी कर रही हैं।

आपको बता दें यह बोट पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में जहाजरानी और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुरू की थी।

उनका सपना है कि देश की तमाम नदियों में इस तरह को स्टीमबोट चलाई जाए, ताकि परिवहन सस्ता पड़े। गडकरी ने कहा है कि यह परिवहन अन्य साधनों से काफी सस्ता पड़ता है।

खेर! बात प्रियंका वाड्रा की हो रही है। वाड्रा के दो बच्चे हैं, बेटी मारिया और बेटा रेयान। पिता का नाम राजीव गांधी और दादा का नाम फिरोज़ खान। दादी का नाम भी इंदिरा गांधी था। इनकी मां का नाम सोनिया गांधी है, शादी से पहले क्या था, यह सबको पता है।

प्रियंका वाड्रा ने सोमवार को यानी, परसों के दिन प्रयागराज से बनारस की यात्रा शुरू की थी। यात्रा आज पूरी हो रही है।

पहले दिन प्रियंका ने कहा ‘देश संकट में है, इसलिए उसको घर से बाहर निकलना पड़ा।’ आपको बता दें, प्रियंका वाड्रा के पति, रॉबर्ट वाड्रा जमानत पर हैं। उनकी मां सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी जमानत पर हैं। पांच साल पहले तक देश की सत्ता इन्हीं के हाथ में थी।

दूसरे दिन प्रियंका वाड्रा ने मंदिरों में पूजा की, मज़ारों पर सजदा किया। यहां यह भी समझने की जरूरत है कि जब वाड्रा मंदिर में थीं, तब बाहर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लग रहे थे। कमाल की बात है न! एक चीज़ बाहर और निकली, कहा जा रहा है कि दूसरे दिन, यानी मंगलवार को वाड्रा ने कहा कि देश में गरीबी बढ़ रही है।

यह बयान उन्होंने 90 लाख की लग्जरी कार से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद दिया, यह बात भी दीगर है कि 5 साल पहले देश उन्हीं के परिवार के पास था।

हां, यह भी जानना जरूरी है कि तब महंगाई दर करीब 10% थी, जबकि पिछले 5 साल में यह दर 2 से 4% के बीच रही है। यह सरकारी आंकड़ा है।

अमेठी और रायबरेली सीट हमेशा गांधी परिवार की बपौती रही हैं। यहां पर गांधी परिवार के लोग ही जीतते आ रहे हैं, इस बार का पता नहीं क्या होगा। लेकिन पिछले दिनों जब प्रियंका वाड्रा का सियासत में अवतरण हुआ, तब उन्होंने रोड शो लखनऊ में किया। सुना है अमेठी और रायबरेली में आज भी सड़कें रोड शो करने जैसी नहीं बनी हैं।

बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेठी आयुद्ध डिपो खोलकर यहां से AK-203 बनाने की शुरुआत कर दी है। यहां 7.50 लाख अत्याधुनिक AK-203 बंदूकें बनेंगी।

बताया जा रहा कि 5000 करोड़ के हेराल्ड हाउस को खाली करने के लिए हाई कोर्ट ने आदेश दे रखा है, मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। इसी मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी जमानत पर हैं।

राजस्थान और हरियाणा में अवैध रूप से ज़मीन खरीद फरोख्त मामले में प्रवर्तन निदेशालय लगातार रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ कर रहा है। इसी प्रकरण में वह भी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं। वाड्रा को कोर्ट ने 12 अप्रेल तक जमानत दे रखी है।

देश के विकास के लिए इन योजनाओं पर फोकस है मोदी का

जन धन योजना, उज्वला योजना, जीएसटी, किसान क्रेडिट कार्ड, सोयल हेल्थ कार्ड, स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान भारत, मेक इन इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान फसल बीमा योजना, पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी 45 बड़ी योजनाओं के द्वारा हर घर मोदी जैसी बात बीते 5 साल में ही सम्भव हो पाई है।

पेट्रोल और डीजल के भाव आज 5 साल बाद भी उसी स्तर पर है। बीच में जरूर पेट्रोल के भाव काफी बढ़ गए थे, लेकिन करीब 1 साल से पेट्रोल-डीजल एक बार फिर से 2013 वाली स्थिति में पहुंच गए।

देश के वंचित 18000 गांव में बिजली पहुंचाई गई है, और 2022 तक प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है, जबकि उज्जवला योजना के तहत 6:30 करोड़ महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं।

जन धन योजना के तहत देश के वंचित 10 करोड़ लोगों के खाते खुले हैं, जिनमें काफी पैसा पड़ा हुआ है। यह खाते पहली बार जीरो बैलेंस पर खोले हैं। गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपना बैंक खाता खोलकर लेनदेन करने में इन्हीं 5 सालों में सक्षम हुआ है।

देश के किसानों को मजबूत करने के लिए गन्ना उत्पादक कृषकों को 2 साल के बजाय केवल 15 दिन के भीतर गन्ने का पैसा उनके खातों में मिल रहा है। 32 प्रकार की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा कर डेढ़ से दोगुना कर दिया गया है।

किसान की खेती वाली लागत कम हो इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सोइल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी, जिसके तहत अब तक देश के करीब 8.50 करोड़ किसान परिवारों ने फायदा लिया है। इससे मिट्टी की स्वास्थ्य जांच होती है, और उसी के अनुरूप उस में खाद और बीज का इस्तेमाल किया जाता है। इसके चलते किसानों की लागत कम हो रही है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत 12 सेकंड में देश का एक मरीज ₹500000 तक का इलाज मुफ्त करवा रहा है। इस योजना में भारत के 50 करोड लोगों को जोड़ने की कोशिश है। भारत की आयुर्वेदिक पद्धति को आगे बढ़ाने के लिए पहली बार स्थापित किया गया, और उसके तहत कई बड़े प्रोजेक्ट काम कर रहे हैं।

5 बरस में विदेशी निवेश (FDI) के द्वारा 15 लाख करोड़ रुपए भारत में इन्वेस्ट हुए हैं, यह रकम अब तक की सबसे ज्यादा है। इस योजना के तहत 2022 तक $1 अरब के निवेश की संभावना है।

साल 2014 में भारत में मोबाइल निर्माता कंपनियां केवल 2 थी, आज 5 साल के बाद देश में 130 मोबाइल निर्माता कंपनियां है जो यहीं पर मोबाइल बनाती है, और विदेशों में भी भेजती है। कौशल विकास योजना के तहत देश के 13.50 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

सेना, वायुसेना, नोसेना को पहली बार खुली आज़ादी

उरी हमले के जवाब में सितंबर 2016 में भारत की सेना ने पहली बार पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की। सबसे ज्यादा आतंकवादियों को उसी की सरजमीं पर मार गिराया। यह आजाद भारत में पहली बार हुआ, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों के उड़ाए।

उससे पहले 2016 में ही भारतीय सेना ने म्यांमार में भी जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। ऐसा भी भारतीय सेना ने पहली बार किया।

इसके बाद 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में शहीद हुए 45 जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए भारतीय वायु सेना ने कमर कसी, और 13 दिन बाद 26 फरवरी को सुबह 3:30 बजे पाकिस्तान में 80 किलोमीटर अंदर घुसकर बम वर्षा की।

स्वतंत्र एजेंसी के मुताबिक इस कार्रवाई में पाकिस्तान के अंदर छिपे हुए आतंकी ठिकानों में करीब 300 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान की तरफ से भी पलटवार किया गया। उनके 24 f-16 विमान भारतीय सीमा में आए लेकिन भारतीय वायु सेना के द्वारा करारा जवाब दिए जाने के कारण वापस लौट गए।

इस कार्रवाई में भारत का एक mig21 फाइटर प्लेन पाकिस्तानी सीमा में क्रेश हुआ और उसमें सवार विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में चले गए। लेकिन भारत का विश्व समुदाय के द्वारा दबाव बनाए जाने के कारण महज 24 घंटे के भीतर भारत को सौंपना पड़ा।

भारतीय सेना को ऐसी आजादी स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार मिली, कि वह अपनी मर्जी से कार्रवाई कर रही है।

भारतीय सेना के सैनिकों को 7.50 खिला बुलेट प्रूफ जैकेट और रिटायर फौजियों को “वन रैंक, वन पेंशन” का लाभ भी इन्हीं 5 साल में मिला है। अत्याधुनिक 36 राफेल एयरक्राफ्ट की खरीदी भी इन्हीं 5 सालों में की गई है।