जयपुर।

राजस्थान में अप्रैल और मई-जून तक होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। भाजपा ने तीन दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।

7 दिसंबर सम्पन हुए विधानसभा चुनाव में 5 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस पार्टी राजस्थान में 25 में से 25 सीटों पर चुनाव लड़कर जीतना चाहती है, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी सत्ता के साथ लोकसभा चुनाव जीतने के ट्रेंड को बदलना चाहती है।

कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी प्रभारी मंत्रियों को जिलों में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दौरे करने के लिए भेज दिया है। इस बीच कांग्रेस पार्टी की तरफ से दावेदारी करने वाले नेताओं के नाम भी सामने आने लगे हैं।

कैबिनेट मंत्री बी डी कल्ला, जिनको बाड़मेर-जैसलमेर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है, उनके सामने कल राजस्थान विश्वविद्यालय की पहली महिला छात्रसंघ अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि वह इस साल के मध्य होने वाले लोकसभा चुनाव यहीं से लड़ना चाहती हैं।

RU की पहली महिला अध्यक्ष लड़ेंगी बाड़मेर से लोकसभा चुनाव! 1

इस बात की पुष्टि करते हुए खुद प्रभा चौधरी ने अपनी फेसबुक आईडी पर लिखा है कि कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला के सामने बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए दावा पेश किया है।

आपको बता दें प्रभा चौधरी ने सत्र 2011-12 में राजस्थान विश्वविद्यालय का छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर एनएसयूआई और एबीवीपी को पटखनी देते हुए पहली महिला अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया था।

गौरतलब है कि अभी बाड़मेर से कर्नल सोनाराम चौधरी सांसद हैं। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम यहां से चुनाव लड़कर संसद का टिकट कटवाया था।

उल्लेखनीय है कि राज्य में सामान्यतः जिस पार्टी की सरकार होती है, उसी के पक्ष में लोकसभा चुनाव जीतने का ट्रेंड रहा है। ऐसे में राजस्थान के चुनाव में कांग्रेस खुद को मजबूत बता रही है। हालांकि 1999 के दौरान प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद बीजेपी 21 सीटों पर जीत मिली थी।

पछली बार वसुंधरा राजे की सरकार और मोदी लहर में बीजेपी ने राज्य में रिकॉर्ड कायम करते हुए सभी 25 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार कांग्रेस कम से कम आधी सीटों पर जीतने का प्रयास करेगी।