अशोक गहलोत देंगे इस्तीफा, कमलनाथ की कुर्सी पर गहराया संकट?

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जयपुर।

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) की मतगणना लगभग पूरी होने की स्थिति में है।

पूरे देश में मोदी लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी अकेले पूर्ण बहुमत की तरफ अग्रसर है तो एनडीए का गठबंधन साढे 300 के करीब सीटें हासिल करता हुआ नजर आ रहा है।

राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों की प्रचंड लहर चली है।

इनमें से राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, दिल्ली में कांग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियों का खाता भी नहीं खुला है।

इन राज्यों की सभी सीटें भारतीय जनता पार्टी के पाले में आई है। राजस्थान में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी पार्टी को लगातार दो लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर जीत हासिल हुई है।

मध्यप्रदेश में भी कुल 29 में से 28 सीट भाजपा को मिलती दिखाई दे रही है। गुजरात में 26 में से 26 सीट बीजेपी के खाते में जा रही है।

दिल्ली की सातों सीट बीजेपी को मिल रही है। उत्तराखंड की पांचों सीट भाजपा की झोली में गई है।

हरियाणा की 10 में से 9 सीटें मिल रही है। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश की चारों सीट भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जीत रहे हैं।

गोवा की दोनों सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की जीत हुई है। महाराष्ट्र में भी एनडीए को एकतरफा जीत मिली है। बिहार में एनडीए को 40 सीटों में से 37 सीटों पर जीत हासिल हुई है।

इस तरह से देखा जाए कांग्रेस पार्टी का राज्य में लगभग सूपड़ा साफ हो गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है।

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पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है और कर्नाटक में कांग्रेस के सहयोग से कुमारास्वामी मुख्यमंत्री हैं।

राजस्थान में लगातार दूसरी बार 25 में से 25 सीटें हारने के कारण कांग्रेस पार्टी के नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर इस्तीफे का दबाव बन गया है।

यही हालत मध्यप्रदेश में है, जहां पर कमलनाथ 29 में से 28 सीटें हार रहे हैं। जिसके बाद उनको भी इस्तीफा देना पड़ सकता है।

पार्टी में बगावत हो सकती है, यही बगावत वाली हालत राजस्थान में दिखाई दे रही है। यदि ऐसा होता है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ सकता है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ ही दिनों पहले कहा था कि अगर पंजाब में कांग्रेस पार्टी हारती है, तो नैतिकता के नाते वह इस्तीफा दे देंगे।

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी का कमजोर प्रदर्शन रहा है। कांग्रेस पार्टी 7 सीटों पर विजय हासिल कर चुकी है, एक तरीका निकल चुका है।

लेकिन राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं है। अब यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह नैतिकता के नाते इस्तीफा देने की बात आती है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को बहुत जल्द अपना इस्तीफा देना पड़ सकता है।

दोनों ही जगह कांग्रेस पार्टी के दूसरे नेता मुख्यमंत्री बनने की कतार में शामिल हैं। राजस्थान में तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत की जोधपुर की सीट 270000 से ज्यादा वोटों से हार गए हैं।

ऐसे में अशोक गहलोत पर बड़ा दबाव है। हालांकि मध्यप्रदेश में कमलनाथ के बेटे की सीट कांग्रेस पार्टी के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही है।

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