बिहार चुनाव की दृष्टि से दी गई है कन्हैया कुमार पर राजद्रोह के केस की इजाजत!

नई दिल्ली।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और कथित तौर पर देशद्रोह के नारे लगाने वाले, बिहार की राजनीति में हाल ही में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कन्हैया कुमार का कहना है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने उन पर देशद्रोह के 4 साल पुराने केस में अभियोग चलाने की मंजूरी बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख कर दी है।

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कन्हैया कुमार और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के उनके पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति शुक्रवार को दी।

इस केस का संबंध कन्हैया कुमार और उनके साथियों पर लगाए गए इस आरोप से है कि उन्होंने 9 फरवरी 2016 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में भारत विरोधी नारे लगाए।

कन्हैया कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह स्पष्ट है कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ केस बनाया गया और राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर उसे विलंब किया गया।

उन्होंने कहा कि मैं अदालत से दरख्वास्त करता हूं कि इस केस की जल्दी से जल्दी सुनवाई पूरी की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।

यद्यपि यह चर्चा है कि प्रशांत किशोर को तृणमूल कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा सांसद बनाया जा सकता है, लेकिन वह बिहार में भाजपा और वहां के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ युवाओं को लामबंद करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि क्योंकि बिहार की जातिगत राजनीति के कारण कन्हैया कुमार नए गठबंधन के मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किए जाने की संभावना नहीं है, इसलिए प्रशांत किशोर आरएलएसपी कि नेता उपेंद्र कुशवाहा को इस भूमिका के लिए आगे प्रस्तुत करना चाहते हैं।

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प्रशांत किशोर ने पिछले कुछ हफ्तों से एचएएम के जीतन राम मांझी सहित बिहार के महागठबंधन साथियों के साथ में मीटिंग्स की हैं। माना जा रहा है कि पिछली बार के नेता कुशवाह मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पाले हुए हैं।

इस बीच में चर्चाएं आ रही है कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर को राज्यसभा सीट ऑफर की है। पार्टी के चार राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल अगले माह पूर्ण हो रहा है, यह सदस्य है मनीष गुप्ता, जोगेन चौधरी, हसन इमाम और केडी सिन्हा।

सूत्रों ने बताया कि बनर्जी अन्य व्यक्तियों के लिए दिनेश त्रिवेदी और मौसम नूर की जिम्मेदारी के बारे में सोच रही है।

बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान संख्या बल को देखते हुए पार्टी राज्यसभा की सीटें जीत सकती है। यह भी संभावना है कि सीपीएम या कांग्रेस के समर्थन से पांचवी सीट भी हथिया ले।