तेजस्वी यादव को निपटाने के लिए प्रशांत किशोर कन्हैया कुमार के साथ बना रहे हैं नया महागठबंधन

नई दिल्ली।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद उनके दोनों बेटों में तेजस्वी यादव ही राजनीति के योग्य पाए गए हैं, किंतु तेजस्वी यादव के पास जनाधार संभावनाएं अभी काफी कम नजर आ रही है।

पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अलग हुए “तथाकथित” रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार भीगी अपना भविष्य देख रहे हैं। तेजस्वी यादव जैसे युवा चेहरे को दबाकर नीतीश कुमार का मुकाबला करने के लिए प्रशांत किशोर में कन्हैया कुमार को साथ लेने का फैसला किया है।

वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के वक्त नरेंद्र मोदी के साथ करियर शुरू करने वाला चुनाव नीति का प्रशांत किशोर बिहार, जहां जल्दी ही चुनाव होने वाले हैं, में एक समांतर महा गठबंधन बनाकर के शो में जुट गए हैं।

राष्ट्रीय जनता दल और गठबंधन के नेताओं की तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में स्वीकार न करने के कारण समझा जाता है कि प्रशांत किशोर ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेता कन्हैया कुमार को चुनाव अभियान का चेहरा बनाकर नया गठबंधन करने के प्रयास शुरू कर दिया है, कि आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा और ऐसे जीतनराम मांझी जैसे धर्मनिरपेक्ष गठबंधन सहयोगियों से चर्चा की है।

नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने “बात भी हार” की शीर्षक से एक मुहिम की शुरुआत करते हुए शपथ ली। दावा किया कि वो बिहार को देश के सर्वाधिक सुरक्षित 10 राज्य में से एक बनाएंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रशासन के दावों पर सीधा प्रहार करते हुए प्रशांत किशोर ने उल्लेख किया कि जैसा नीतीश कुमार मांग कर रहे थे, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिलाया दिया गया और ना ही पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय की मान्यता प्रदान की गई।

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प्रत्येक घर तक बिजली नहीं पहुंची और सभी को अच्छी शिक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई। किशोर ने कहा कि बिहार को वर्ष 2005 में देश का सर्वाधिक निर्धन राज्य माना गया था, इसे आज भी सबसे गरीब माना जाता है।

बिहार के मुख्यमंत्री पर प्रहार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका नीतीश कुमार से इसलिए मोहभंग हुआ है कि भाजपा के साथ नीतीश के समीकरण बदलते रहते हैं।

नीतीश कुमार की बदलती राजनीतिक विचारधाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी और गोडसे एक साथ प्रासंगिक नहीं हो सकते। उन्होंने आगे कहा कि बिहार को एक नया और सशक्त नेता चाहिए।

इसी दौरान किशोर ने नीतीश कुमार पर कोई व्यक्तिगत प्रहार करने से यह कहकर इनकार कर दिया क्योंकि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उनका विशेषाधिकार है कि इसे पार्टी में रखना है और किसी पार्टी से बाहर करना है।

नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के पार्टी उपाध्यक्ष रहे किशोर ने विवादास्पद हो चुके नागरिकता संशोधन कानून पर पार्टी के रुख की आलोचना करने के कारण नीतीश कुमार ने हाल ही में पार्टी से निकाल दिया था। पार्टी सांसद पवन कुमार वर्मा को भी इसी कारण पार्टी से निष्कासित किया गया था।