आईपीएस की नहीं सुन रही पुलिस, डीएसपी और डीजीपी के खिलाफ करेंगे मानहानि का केस!

2
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

-IPS पंकज चौधरी ने खोला DGP ओपी गल्होत्रा के खिलाफ मोर्चा, थाने में दर्ज कराई शिकायत।
जयपुर।
प्रदेश के चर्चित आईपीएस पंकज चौधरी ने अपनी पत्नी मुकुल पंकज चौधरी सहित 6 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद राजधानी के शिप्रापथ थाने में पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी गलहोत्रा सहित हनुमानगढ़ जिले के डीएसपी विरेन्द्र जाखड़ समेत कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए स्पीड पोस्ट की है।
आईपीएस पंकज चौधरी का कहना है कि उनकी पत्नी मुकुल चौधरी झालरापाटन से सीएम वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, उसी के चलते उनकी पत्नी के खिलाफ षड्यंत्र रच कर आनन फानन में छोटे से और झूठे मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करवाया गया है।
शिकायत में आईपीएस पंकज चौधरी ने लिखा है कि पूरे प्रकरण में हनुमानगढ़ पुलिस सिर्फ एक पक्ष को ही सुन रही है, जबकि दूसरे पक्ष कि कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इसको गैरकानूनी करार दिया है।
पुलिस को भेजी अपनी शिकायत में आईपीएस पंकज चौधरी ने लिखा है कि राजनीतिक दबाव के चलते ही डीजीपी ओपी गलहोत्रा ने हनुमानगढ़ पुलिस पर दबाव डालते हुए मुकुल चौधरी सहित अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मामले में डिप्टी एसपी वीरेंद्र जाखड़ और डीजीपी ओपी गल्होत्रा को मानहानि का नोटिस देने की बात कही है।
उन्होंने यह भी कहा कि वारंट जारी करने से पहले जो नोटिस पुलिस द्वारा भेजे गए थे, उनमें भी दो नोटिस वरिष्ठ नागरिकों को गैरकानूनी तरीके से भेजे गए हैं। नियमानुसार 60 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने नहीं बुलाया जा सकता, जबकि शशि दत्ता को बुलाया गया है।
उधर, गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद आईपीएस पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल पंकज चौधरी ने एक विडियो के जरिए इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। चौधरी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ललकारा है। मुकुल चौधरी ने हुंकार भरते हुए कहा है कि झालरापाटन का जनाधार मेरे साथ है, जिसके दम पर विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे सरकार को पटखनी देने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है।
मुकुल चौधरी ने कहा है कि अब समय आ गया है जब राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भ्र्ष्टाचार के मामलों में जाग जाना चाहिए। इसके साथ ही मुकुल चौधरी ने डीजीपी ओपी गलहोत्रा पर भी निशाना साधते हुए उन्हें राजस्थान का अब तक का सबसे नाकारा डीजीपी घोषित कर डाला।
मुकुल पंकज चौधरी ने कहा कि पुलिस के आला अधिकारियों में खुद ही भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिसके चलते प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई है। हालांकि, मुकुल चौधरी ने पुलिस के सभी जवानों को अपना बेटा बताते हुए राज्य में व्याप्त भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया है।
इस मामले में आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी ने उनकी सास शशि दत्ता और मुकुल चौधरी के खिलाफ दर्ज मामले में पूछताछ को लेकर बुलाये जाने पर गुस्सा होकर डीएसपी वीरेंद्र जाखड़ और डीजीपी ओपी मल्होत्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए स्पीड पोस्ट की है।
दूसरी तरफ शिप्रा पथ थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव का कहना है कि उनको अभी तक के कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मगर पंकज चौधरी का कहना है कि उन्होंने शिप्रा पथ थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के लिए शुक्रवार को दोपहर ही स्पीड पोस्ट से अपनी रिपोर्ट भेज दी थी।
आईपीएस चौधरी ने एक तरह से चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि  यदि अगले 48 घंटे में एफ आई आर दर्ज नहीं होती है, तो पुलिस के आला अधिकारियों को अपना परिवार देंगे। इसके बाद भी अगर उनकी तरफ से मामला दर्ज नहीं हुआ तो वह हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
आईपीएस चौधरी का कहना है कि डीजीपी के द्वारा निकाला गया एक सर्कुलर है, जिसमें कहा गया है कि संगे अपराधों में परिवाद मिलने पर 48 घंटे में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। नहीं होने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला दर्ज नहीं होने पर पंकज चौधरी सोमवार को 36 सीआरपीसी के तहत कमिश्नर एडीजी को परिवाद देंगे।
मामला चाहे जो भी हो, लेकिन आज की तारीख में देखा जाए तो राजस्थान पुलिस में इस मामले को लेकर दो पक्ष बनते हुए एक तरह से जंग शुरू हो गई है, जिसका परिणाम क्या होगा यह भविष्य के गर्भ में है।