नई दिल्ली।

जैसे जैसे देश में विकास बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे इंटरनेशनल कंपनीज का हिंदुस्तान में व्यवसाय भी पैर पसार रहा है। कारोबार बढ़ने के साथ ही देश में अपराधों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

राष्ट्रीय कंपनियां अपने मजदूरों, कर्मचारियों और ड्राइवरों को का जमकर शोषण कर रही है। कई बार इंटरनेशनल कानूनों के चलते इन कंपनियों के खिलाफ देश की अदालतें भी फेल साबित होती है।

लेकिन जब देश की ही कंपनियां और देश के ही काम करने वाले कर्मचारी आमने-सामने हो और उसके बावजूद भी न्याय नहीं मिले, तो फिर कानून पर सवाल उठना लाजमी है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है बीएमडब्ल्यू के चालक रमेश धीर का। रमेश दिल को नियोक्ता कंपनी ने 6 महीने का पीएफ नहीं दी, 1 महीने की सैलरी नहीं दी, और बिना किसी कारण के नौकरी से भी निकाल दिया।

वह दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन न तो कंपनी जवाब दे रही है, और ना ही कहीं और से उसको न्याय मिल रहा है। खुद रमेश धीर ने अपनी पूरी कहानी हमसे शेयर की है आप भी पढ़िए रमेश धीर की जुबानी उन्हें की दर्द भरी कहानी-

“प्यारे साथियों नमस्कार मेरा नाम रमेश धीर है और मैं आपको बताना चाहता हूं कि कैसे अशोका टूर एंड ट्रैवल ( ठेकेदार) के साथ बहुत से होटल और खुद अशोका टूर एंड ट्रैवल, जिनका ऑफिस दिल्ली और गुडगाँव दोनों जगहों पर है। सरकार की कुछ कमजोरियों का फायदा लेने के लिये दोनों जगह आफिस खोला गया है।

दोस्तों मैने अशोका टूर एंड ट्रैवल के द्वारा मार्च 2017 में होटल PULLMAN AND NOVOTEL AEROCITY DELHI AND JW MARROITT AEROCITY DELHI में As a Chauffeur काम करना शुरू किया था।

जिसमें मुझे 12600 रुपये इन हेंड सैलेरी बताई गयी थी। पीएफ और इएसआई अलग से देने का बताया गया था। काम के घंटे 24 और 24 घंटे छुट्टी बताया गया था, और भी बहुत सारी सुविधाएं बताई गयी थी जो सिर्फ कहने में ही थी।

जमीनी हकीकत से उनका कोई वास्ता नहीं था। दोस्तों में आपको बताना चाहता हूं कि अशोका टूर एंड ट्रैवल बहुत जबरदस्त तरीके से खुद भी और इनके कुछ कर्मचारी भी ड्राइवरों का शोषण कर रहे हैं।

दिल्ली के 80% होटलों में अशोका टूर एंड ट्रैवल ही कारें और ड्राईवर मुहैया करवाता है, इसलिए हमारे बहुत से ड्राईवर भाई चाह कर भी नहीं बोल पाते हैं।

दोस्तों काम करने के दौरान मुझे पता लगा कि अशोका टूर एंड ट्रैवल ने मेरा पहले 6 महीने का पीएफ नहीं काटा था। जब मैं बात करने के लिए आफिस गया तो मुझे ये बताया गया कि आपके कागज हमारे पास नहीं थे, इसलिए आपको पहले 6 महीने का पीएफ नहीं मिलेगा।

जिसके लिए मैंने कम्पनी के मैनेजर टेक चंद को भी फोन किया तो उनहोंने भी बिलकुल मना कर दिया कि पीएफ नहीं मिलेगा।
तब मैंने JW MARROITT के GM MR GANDHI को बताया तो अशोका टूर एंड ट्रैवल ने उन्होंने ने भी गोली दे दी।

फिर मैंने अशोक यादव (कंपनी मालिक) के बेटे को विद प्रूफ शिकायत की, तो उनहोंने भी कुछ नहीं किया। इसके बाद यूनिट हैड संजय के साथ मिलकर मुझे मेनटली परेशान करना शुरु कर दिया।

क्योंकि ये मुझे नौकरी से निकालना चाहते थे। भाइयों आप बताओ मैं अपना मेहनत से कमाया हुआ पैसा कैसे छोड सकता हूं?

20 जनवरी 2019 को मैं छुट्टी लेकर अपनी बीमार माताजी से मिलने के लिए अपने होम टाउन गया, तो मुझे यूनिट हैड संजय IN JW MARRIOTT AEROCITY NEW DELHI ने फोन किया कि आपको आने की जरूरत नहीं है।

जब मैंने अपना कसूर और जनवरी के महीने में जो काम किया था, उसकी सैलेरी के बारे में पूछा तो उसने बिना कुछ बोले फोन काट दिया और मेरा फोन पिकअप करना भी बंद कर दिया ( जिसके मेरे पास पूरे सबूत है )।

संजय ने मुझे बिना कोई नोटिस दिये काम से निकाल दिया और जनवरी महीने की जो मेरी सैलेरी थी वो भी नहीं दी।

25 मार्च 2019 को मैं अपने पीएफ और सैलेरी के लिये अशोका टूर एंड ट्रैवल के आफिस गया तो वहां जाकर पता लगा कि अशोका टूर एंड ट्रैवल ने हमारी सैलेरी में से जो पीएफ सितम्बर 2018 से लेकर जनवरी 2019 तक 5 महीने का पीएफ जमा नहीं कराया हुआ। मेरा सवाल यह है कि इतनी बडी धांधली किस की शह पर हो रही है

दोस्तों मेरे कुछ सवाल है-

1: कौन सी कम्पनी बिना ड्राईवर के कागज लिये ही अपनी 20 से 70 लाख की कार उसके हाथ मे दे देती है ?

2: किस सरकार ने AUDI MERCEDES AND BMW OR OTHER HIGHEND कार चलाने वाले चालक की मासिक सैलेरी 6500 रू रखी है, क्योंकि 780 रुपये पीएफ काटते हैं?

3: कौन सी सरकार कहती है कि आप दिल्ली में लेबर से 24 घंटे काम करवा सकते हैं ? वो भी 12600 रुपये में?

4: कौन सी ऐसी कंपनी है, जो मांगने पर भी अपनी लेबर को सैलेरी स्लिप नहीं देती, अगर किसी को जरूरत भी होगी तो अपने संजय जैसे यूनिट हैड के द्वारा परेशान करके निकाल भले ही दिया जाये, पर सैलेरी स्लिप नहीं दी जायेगी?

5: अगर अशोका टूर एंड ट्रैवल ने मेरा पीएफ काटा नहीं तो मुझे सैलेरी के साथ दिया क्यों नहीं?

6: कौन सी कंपनी बिना पेपर के ही ड्राईवर को गाडी दे देती है, वो भी 6 6 महीने?

7: जनवरी महीने की मेरी सैलेरी अभी तक मेरे खाते मे क्यों नहीं डाली गई ?

8: मुझे नौकरी से निकालने से पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया ?

9: संजय के द्वारा मेरी छवि को धूमिल करने की बार-बार कोशिश क्यों की जा रही है?

10 अब अशोका टूर एंड ट्रैवल मेरे साथ अगर संजीदगी से पेश आती है और मेरा हिसाब आने वाली 30 मार्च 2019 तक पूरा निबटा देती है, तो ठीक है अन्यथा मुझे अदालतों का सहारा लेना पडेगा?

अब कुछ बात इस पोस्ट को पढने वालों से-

दोस्तों ये सिर्फ मेरी लडाई नहीं है ये उन सब की है जो कम्पनियों के शोषण से परेशान हैं। इसलिए मेरी सब भाईयों को सलाह है कि किसी भी एक यूनियन का मेम्बरशिप जरूर लें और इस पोस्ट को जरूर शेयर करें, ताकि सरकार नींद से जागे और जो इन कंपनियों द्वारा शोषण हो रहा है वो बंद हो।”

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