पेट्रोल-डीजल के भाव से बैलगाड़ी पर चलने वाली कांग्रेस अब रफाल से नीचे क्यों नहीं उतर रही है?

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नई दिल्ली।

करीब 1 महीने पहले तक प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी देश में पेट्रोल और डीजल को लेकर सरकार पर हमलावर थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि पार्टी आज पेट्रोल डीजल के भाव को लेकर बात नहीं करना चाहती है?

बल्कि बैलगाड़ी पर चलने वाली काग्रेस आज रफाल से नीचे उतर नहीं रही है? ऐसा क्या कारण है कि कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार पर पेट्रोल और डीजल को लेकर अब बयान नहीं दे रही है। पार्टी के तमाम बड़े नेता केवल रफाल को लेकर ही बयानबाजी करने में जुटे हुए हैं, इसी पर देश का ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

दरअसल, बीते 2 सप्ताह से देश भर में डीजल और पेट्रोल के भाव लगातार गिर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उथल-पुथल के कारण भारत में भी पेट्रोल डीजल के भाव में लगातार कटौती हो रही है। इस कटौती का जहां देश की जनता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है वहीं कांग्रेस के लिए यह मुद्दा अब खत्म हो चुका है।

1 महीने पहले तक कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता डीजल और पेट्रोल के लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार के विरोध में कई जगह प्रदर्शन कर बैलगाड़ी पर घूमते दिखे, लेकिन आज तमाम कांग्रेसी नेता केवल रफाल पर बैठे घूम रहे हैं।

नई दिल्ली की बात करें तो यहां पर 28 अक्टूबर से लेकर अब तक केवल 1 दिन ऐसा गुजरा है, जब पेट्रोल और डीजल के भाव गिरे नहीं हों। अलबत्ता आज की तारीख में देश भर में डीजल की नई दिल्ली में सबसे कम है, तो जयपुर में 79.07 में पेट्रोल और 75.52 रुपए में बिक रहा है।

पांच राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे वक्त में पेट्रोल डीजल के भाव गिरना एक और जहां बीजेपी के लिए शुभ संकेत हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के लिए रफाल के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के लिए पेट्रोल-डीजल को भुला देना ही श्रेयकर है।

बहरहाल, गिरते पेट्रोल डीजल के भाव से भाजपा खुश है, वहीं कांग्रेस के पास एक मुद्दा हाथ से खिसकता नजर आ रहा है। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और हाथ से खिसक के मुद्दे कांग्रेस के लिए चुनाव में जाने से पहले परेशानी का सबब जरूर हैं।