नई दिल्ली।
आज से 17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर को शपथ के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनके तमाम मंत्रियों ने संसद सदस्य के तौर पर शपथ ली।

सत्र के पहले ही दिन एक बात को लेकर चर्चा और सियासी विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस की नेता सोनियाा गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का व्यवहार भारतीय संसदीय इतिहास में दर्ज हो गया।

एक ओर जहां नेता प्रतिपक्ष के लिए राहुल गांधी तैयार हो रहे थे, वहीं आज संसद सत्र शुरू होने के पहले ही दिन वह विदेश चले गए। यह पहला मौका है, जब विपक्ष का प्रमुख नेता ही पहले दिन गायब हो गया हो।

दूसरी तरफ उनकी मां, सोनिया गांधी के संसद में बर्ताव से सभी ​हतप्रभ थे। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी के द्वारा शपथ लेने के बाद सोनिया गांधी के सामने से गुजरते हुए हाथ जोड़कर नमस्कार किया गया, किंतु उन्होंने कोई प्रतिउत्तर नहीं दिया।

ऐसा केवल उन्होंने एक मंत्री के सामने नहीं किया, बल्कि मोदी सरकार में सभी कैबिनेट मंत्रियों के सामने किया। हालांकि, इस बात को सभी नोटिस कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस के सदस्यों द्वारा इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

संसद के सत्र में आज और कल भी सदस्यों को शपथ दिलाने का काम किया जाएगा। उसके बाद सत्र विधिवत तौर पर शुरू होगा, जिसमें सबसे पहले स्पीकर का चुनाव किया जाएगा।

स्पीकर के तौर प्रोटेम स्पीकर विरेंद्र कुमार का नाम सबसे आगे आ रहा है, किंतु उनके साथ ही सीनियर नेता मेनका गांधी का नाम भी सबसे आगे आ रहा है। उनको मोदी सरकार के मंत्रिमंड़ल में भी जगह नहीं दी गई है।

मोदी सरकार कई बिल और विधेयक पास करवाने का काम कर सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बिल है तीन तलाक का, जिसको लेकर मोदी सरकार पिछली बार भी काफी परेशान रही थी।

अभी नेता प्रतिपक्ष का चयन भी नहीं हुआ है और फिलहाल किसी के नेता प्रतिपक्ष बनने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सत्र के नीरस होने की संभावना है।

पीएम मोदी ने सत्र के शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा है कि विपक्ष संख्याबल को नहीं गिने, बल्कि विपक्ष के बजाए निष्पक्ष की भूमिका निभाने का प्रयास करें, जनता के मुद्दों को सदन में उठाकर रचनात्मक भूमिका में नजर आएं।