pakistan four state
pakistan four state

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से लेकर भारत को ही नुकसान नहीं हो रहा है, पश्चिम एशिया में ही अशांति नहीं है, चीन को ही तकलीफ नहीं है, जम्मू—कश्मीर में ही सैनिक शहीद नहीं हो रहे हैं, दुनिया में आतंकवाद ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि जो चीज सबसे ज्यादा तेजी से हो रही है, वह पाकिस्तान के टुकड़े होने की नौबत।

जी हां! यह बात बिलकुल सच है। पाकिस्तान के चार सूबों में से एक, यानी बलूच और पख्तूनिश्तान अलग होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। चार सूबों में बंटा पाकिस्तान गृह अशांति से जूझ रहा है। यहां पर बलूच पाकिस्तान के लिए सबसे ताकतवर और लड़ाका कौम के तौर पर सामने आ रही है।

बलूचिस्तान में बीते लंबे समय से पाकिस्तान की आर्मी जुल्म कर रही है। पाक कहता है कि बलूच लोगों को उकसाने का काम भारत के द्वारा, भारत की खूफिया एजेंसी रॉ के द्वारा किया जा रहा है। इसको लेकर पाक संयुक्त राष्ट्र में भी शिकायत कर चुका है।

भारत हमेशा इस बात से इनकार करता रहा है, लेकिन बीते साल एक बलूच नेता ने जब बलूचिस्तान अलग देश बनने पर वहां पर पहली मूर्ती भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात कही तो पाकिस्तान की बोहें तन गईं।

बताया जाता है कि जब भारत और पाक का विभाजन हुआ था, तभी से पख्तून लोग अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं। उसके कुछ समय बाद ही भूखमरी और गरीबी से जूझते हुए पाक के अन्य दो प्रांत, जिनमें बलूच और पख्तूनिया हैं।

जनसंख्या की बात करें तो सबसे ज्यादा पंजाब प्रांत की करीब सवा सात करोड़ है। पाक में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा में पंजाबी ही है, पाक के करीब 48 प्रतिशत लोग पंजाबी बोलते हैं। इसके बाद सिंध प्रांत की जनसंख्या करीब 3 करोड़ है।

गिलगिट बाल्टिस्तान की जनसंख्या करीब एक करोड़ 80 लाख है। जबकि बलूचिस्तान की करीब 65 लाख है। पीओके, यानी पाक अधिकृत कमश्मीर की आबादी लगभग 3 करोड़ है।

ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा:— पाकिस्तान के इस प्रांत को सूबा-ए-सरहद के नाम से भी जाना जाता है, यह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित है। यहां पर पश्तूनों की आबादी सबसे अधिक है, जिनको पख़्तून भी कहते हैं। इनकी भाषा पश्तो है। सूबे की आबादी करीब 2 करोड़ है, जिसमें अफ़ग़ानिस्तान से आए शरणार्थियों की 15 लाख की जनसंख्या अलग है।

पंजाब:— पाकिस्तान से प्रान्त में 36 जिले हैं। आबादी के लिहाज से पंजाब पाकिस्तान का सब से बड़ा सूबा है। यहां रहने वाले लोग पंजाबी कहलाते हैं। सूबे के दक्षिण की तरफ़ सिंध, पश्चिम की तरफ़ ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा और बलोचिस्तान,‎‎‎ उत्तर की तरफ़ कश्मीर और इस्लामाबाद और पूर्व में भारत को पंजाब और राजस्थान की सीमा है। पंजाबी के अलावा यहां पर उर्दु और सराइकी भी बोली जाती है। पंजाब की राजधानी लाहौर है।

सिंध:— पाकिस्तान के चार प्रान्तों में से एक सिंध दक्षिण-पूर्व में बसा हुआ है, जिसके दक्षिण में अरब सागर है। सिन्ध का सबसे बड़ा शहर करांची है। यहीं पर पाकिस्तान की करीब 15 फीसदी जनता निवास करती है। यह सिंधियों का मूल स्थान है।

बलूचिस्तान:— पाकिस्तान का पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान कहलाता है। बलूचिस्तान ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के सटे हुए क्षेत्रों में बंटा हुआ है। लोगों की प्रमुख भाषा बलूच या बलूची है। 1944 में बलूचिस्तान की आजादी का सबसे पहले जनरल मनी के मन में विचार में आया था, लेकिन 1947 में ब्रिटेन के कहने पर इसको पाकिस्तान में शामिल कर लिया। सबसे पहले 1070 में बलूच राष्ट्रवाद का उदय हुआ, जिसमें ही बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र करने की मांग उठी। सन् 1947 से 1970 तक पाकिस्तान केवल दो भागों में बंटा हुआ था, पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान।

14 अप्रैल 2019 को पख्तूनिस्तान में जो आजादी का आंदोलन हुआ है, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाक मीडिया के द्वारा इस आंदोलन को कवर नहीं करने दिया जा रहा है, लेकिन विदेशी मीडिया ने इसको प्रमुखता दी है। यह आंदोलन धीरे धीरे पाकिस्तानी आर्मी के कायदे से भी बाहर होता जा रहा है। यही कारण है कि अलग—थलग पड़ चुके पाकिस्तान के लिए भारत के साथ लड़ाई लड़ने से ज्यादा कठिन काम अपने को बचाए रखना है।