martyr Hariram bhakar
martyr Hariram bhakar

-राजकीय सम्मान के साथ ग्राम जूसरी में हुआ अन्तिम संस्कार
दिनेश कड़वा@कुचामनसिटी।

राजस्थान का लाल हरिराम भाकर जम्मू कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान सेना की गोलीबारी में शहीद हो गया था। जिले के मकराना तहसील के जूसरी गांव के लाल हरिराम भाकर की पार्थिव देह देर रात सेना के विशेष वाहन से पैतृक गांव पहुंची, जिनको ग्रांम जुसरी के आई टी केन्द्र में रखा गया।

शहीद के गांव में शहादत की खबर मिलते ही शोक की लहर छा गई। शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंचने से पहले शहीद के परिजनों को घटना की खबर नहीं दी गई थी।

इससे पहले रात को शहीद की पार्थिव देह जिसके चलते शहीद की पार्थिव देह रातभर के लिए जूसरी गांव के आईटी केंद्र में रखी गई है।

आज सुबह जूसरी गांव के नजदीक भाकरों की ढाणी शहीद की पार्थिव देह को ले जाया गया। जिसमें हजारों की संख्या में युवाओं, बुजुर्गों, कुचामन क्षेत्र की डिफेन्स के छात्रों के अलावा जिलेभर से अनेक लोग पहुंचे।

पैतृक गांव में शहीद हरिराम भाकर का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सूचना मिलने के बाद कल ही मकराना विधायक रूपाराम मुरावतिया जयपुर से ही शहीद की पार्थिव देह के साथ जूसरी पहुंचे।

पूर्व विधायक श्रीराम भींचर भी देर रात को ही जूसरी गांव पहुंच गए थे। शहीद हरिराम की वीरता की नायब सूबेदार ने कहानी सुनाई तो सबकी आंखे नम हो गई।

सूबेदार ने बताया कि कैसे शहीद हरिराम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए है। हरिराम भाकर की पार्थिव देह लेकर 4 ग्रेनेडियर के अधिकारी नायब सूबेदार चेनाराम ही पहुंचे।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन करके भारतीय सीमा में फायरिंग की गई। इस दौरान शहीद हरिराम ने पाकिस्तानी गोलीबारी काजवाब देते हुए 40 से ज्यादा ग्रेनेड दागे, जिससे पाकिस्तान के चार सैनिकों को जान से हाथ धोना पड़ा।

इसी दौरान पाकिस्तान की तरफ से दागे गए गोले से हरिराम पर हमलाहुआ और जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए।

इसके बावजूद साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्हें गभीर अवस्था मे सैन्य अस्पताललाया गया, जहां वो वीरगति को प्राप्त हो गए।

शहीद के अंतिम संस्कार में हजारों की तादाद में लोग एकत्र हुए। संभाग का पूरा प्रशासनिक अमला भी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ।

4 ग्रेनेडियर के अधिकारी नायबसूबेदार चेनाराम, एडीएसनल एसपी डीडवाना, मकराना सीआई जितेन्द्रसिंह, केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलात राज्य मंत्री सीआर चौधरी, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, मकराना विधायकरूपाराम मुरावतिया, पूर्व विधायक श्रीराम भींचर पहुंचे।

पाक के 4 सैनिकों को अकेले किया ढ़ेर: शहीद हरिराम भाकर को सैनिक भाई ने दी अंतिम विदाई 1

साथ ही पूर्व विधायक मकराना जाकिर हुसैन गैसावत, पूर्व विधायक नावां विजयसिंह चौधरी, परबतसर विधायक रामनिवास गावडिया, पूर्व विधायक मानसिंह किनसरीया, नावां विधायक महेन्द्र चौधरी, लाडनु विधायक मुकेश भाकर, डीडवाना विधायक चेतन डूडी, उपजिला प्रमुख रमेश बुगालिया के अलावा कई राजनेता, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि भी जूसरी गांव पहुंचें।

शहीद का अंतिम संस्कार उनके पेतृक निवास स्थान पर किया गया। शहीद के छोटे भाई हरेन्द्र भाकर ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। बता दें कि हरेंद्र भाकर भी सेना में ही हैं।

छलक पड़े छोटे भाई के आंखों में आंसू

शहीद हरिराम भाकर के पार्थिव शव को जब अन्तिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां उनके छोटे भाई हरेन्द्र भाकर ने मुखाग्नि दी, तो उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े।

ये दृश्य देखकर हर किसी के आंखो में पानी आ गया और पूरा माहौल गमगीन था। इससे पहले शहीद की अन्तिम यात्रा में हजारों यूवाओं ने ’जब तक सूरज-चांद रहेगा, हरीराम तेरा नाम रहेगा’, ‘भारत माता की जय’ ‘वंदे मातरम’ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के जोरदार नारे लगाए।

ध्यान रहे कि शहीद हरीराम के छोटे भाई हरेन्द्र भाकर भी सेना में अभी ट्रेनिंग पर हैं। आज सुबह ही 6 बजे जबलपुर से अपने गांव पहुंचे थे। भाई के शहीद होने की खबर सुनकर उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

21 तोपों से शहीद को सेना के जवानों ने दी श्रृदाजंलि

शहीद हरिराम भाकर के अन्तिम संस्कार के दौरान सेना की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके साथ राज्य पुलिस की तरफ से भी एक सच्चे देशभक्त को श्रृदांजलि दी गई।