अस्वस्थ अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां भाजपा को निरन्तर और अभेद्य किला बनाने में जुटे हैं

-आत्मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज की क्रियान्विति के लिए कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचाएं योजनाओं की जानकारी: डाॅ. सतीश पूनियां
-संगठन को हमेशा अजेय और अभेद्य बनाने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता है: डाॅ. पूनियां
-राजस्थान में भले ही हम विपक्ष में हैं, लेकिन अपार जनसमर्थन हमारे पक्ष में खड़ा है: डाॅ. पूनियां
-डाॅ. सतीश पूनियां ने झुन्झुनूं और बांसवाड़ा के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली
जयपुर।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां भले ही कोरोना वायरस से पॉजिटिव होने के कारण होम क्वारन्टीन हों, किन्तु इसके बावजूद वो संगठन को निरन्तर और अभेद्य बनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में डॉ. पूनियां ने झुन्झुनूं एवं बांसवाड़ा के जिला पदाधिकारियों, मण्डल अध्यक्षों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की वर्चुअल बैठक ली।

इन बैठकों में प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज मीणा, सांसद नरेन्द्र खींचड़ एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

डाॅ. पूनियां ने झुंझुनू और बांसवाड़ा की जिला कार्य योजना बैठकों को संबोधित किया, जिसमें जिलों की कार्य योजना की समीक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन एक विशेषता लिए हुए है, जहां विचार के नाते राष्ट्रवाद सर्वोपरि है, वहीं हमारा संगठन भी विशेषता लिए हुए हम व्यक्ति के लिए नहीं विचार के लिए काम करते हैं और संगठन एक विशेष कार्य पद्धति के कारण चलता है।

इसलिए संगठन की संरचना निरंतर बैठकें, प्रवास कार्यक्रम यह सब इसके अंग हैं, लेकिन कार्यकर्ता किसी भी जीवंत संगठन की रीड हैं, इसलिए कार्यकर्ता ही पार्टी का प्रतिबिंब हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन के काम और विचार को विस्तार से कार्यकर्ता ही अपनी भूमिका में प्रकट करता है।

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ये दोनों जिले ऐसे हैं, जहां कभी संगठन को राजनीतिक तौर पर यह नहीं माना जाता था। यहां भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व होगा, लेकिन हमारे पुराने कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम से और नए कार्यकर्ताओं ने जोश से पार्टी की गतिविधियों को ऊंचाइयां दी हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि एक तरफ राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, उसकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता को जागृत करते हुए एक व्यापक आंदोलन खड़ा करना है और जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को मजबूर करना है।

उन्होंने कहा कि पानी, बिजली, स्कूल, सड़क, राशन, कोरोना प्रबंधन में भ्रष्टाचार, किसान कर्जामाफी, टिड्डी हमला अनेकों ऐसे मुद्दे हैं, जिनमें सरकार की उदासीनता स्पष्ट दिख रही है।

विगत दिनों हमने हल्ला बोल के जरिए कोरोना की मर्यादा के भीतर एक सफल आंदोलन इन मुद्दों पर खड़ा किया है।

मुझे बताते हुए खुशी है कि सोशल मीडिया पर हमारे अभियान हैशटैग ‘‘कब होगा न्याय’’ की पोटेंशियल रीच 5 करोड़ से अधिक रही, इसलिए अपने-अपने जिलों में स्थानीय मुद्दों को जोड़ते हुए मीडिया, सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर भी आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करनी है, संगठन को बूथ आधारित बनाना है और बूथ केंद्रित गतिविधियां निरंतर चलें इसकी योजना बनानी है।


उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केन्द्र सरकार अच्छा काम कर रही है, बुनियादी विकास से लेकर वैचारिक मुद्दों का समाधान मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

कोरोना की भयावह महामारी के दौरान मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज की क्रियान्विति के लिए हमें जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।

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जो लाभान्वित हुए हैं और जो जरूरतमंद हैं, उनसे संपर्क करना है और इस पैकेज का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसके लिए हमें केन्द्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है।


उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने अंग्रेजों की मैकाले की शिक्षा पद्धति को पहली बार चुनौतीपूर्ण तरीके से बदलाव करते हुए शिक्षा को देश की नीतियों के अनुकूल व्यवहारिक बनाने की अभिनव पहल हुई है।

इसलिए शिक्षा नीति की विशेषताओं को पार्टी के कार्यकर्ताओं को निश्चित रूप से जनता के बीच में मुखरता से पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि, सत्ता हो या नहीं हो संगठन को हमेशा अजेय और अभेद्य
बनाने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता है।

राजस्थान में भले ही हम विपक्ष में हैं, लेकिन अपार जनसमर्थन हमारे पक्ष में खड़ा है, इसलिए जनहित के मुद्दों पर बूथ स्तर तक जन-जागरण कर संगठन को मजबूती से खड़ा करना हमारा कर्तव्य है।