सरकारी नौकरी को लेकर एनटीटी आरसीबी आंदोलन की राह पर

एनटीटी भर्ती लंबे समय से भर्ती परीक्षा के बाद नियुक्ति व फर्जी डिग्री वाले पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


राज्य सरकार के बजट घोषणा 2018 महिला बाल विकास विभाग में पूर्व प्राथमिक अध्यापकों की 1000 पदों के लिए घोषणा की गई थी, जिसकी चयनबोर्ड ने भर्ती परीक्षा आयोजित करवाई थी।


उस में 17521 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 24000 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, राजस्थान में 2700 के करीब एनटीटी अभ्यर्थीयो प्रशिक्षण किया था।

उनमें से पिछली दो भर्तियों में अधिकांश अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है जबकि 1300 के करीब अभ्यर्थी शेष रहे इतनी बड़ी संख्या में फर्जी डिग्रियों की आशंका हैं जबकि यह कोर्स राजस्थान में 2010 में बंद हो चुका है।


24 फरवरी 2019 को परीक्षा आयोजित हुई थी


सितम्बर में दस्तावेजों की जांच हुई थी सात आठ माह गुजर गए, लेकिन अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ ना ही फर्जी डिग्री वाले पर कानूनी कार्रवाई हुई।


महिला बाल विकास विभाग में गिष्मकालीन अवकास नही रहता है,
जिसके कारण राज्य सरकार लॉकडाउन में एनटीटी शिक्षकों को नियुक्ति देकर उनको अत्यन्त सेवाओं में लगाकर कार्य करवा सकती हैं।

विष्णु शर्मा प्रदेश महासचिव राजस्थान राज्य पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघर्ष समिति, का कहना है कि लोक डाउन के चलते ट्विटर पर फेसबुक के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।

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