अपने ही 30 से अधिक विधायकों के पत्र, फिर भी पुलिस भर्ती के 1500-2000 पदों के लिए सरकार का दिल नहीं पसीज रहा?

राजस्थान में 19 मार्च से कोविड-19 की वैश्विक महामारी के चलते लॉक डाउन लगा हुआ है। धारा 144 होने के कारण पूरे राजस्थान में पुलिस बल को मशक्कत करनी पड़ रही है। बावजूद इसके राजस्थान सरकार पुलिस के नए जवानों को भर्ती नहीं दे रही है।

राज्य सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से लेकर राजस्थान कांग्रेस पार्टी के नेता और विधानसभा के 30 से अधिक सदस्यों के द्वारा सरकार को पत्र लिखकर 2018 की पुलिस भर्ती, जिसके 1600 पद हैं, पर नियुक्ति दिए जाने को लेकर अपील की जा रही है, लेकिन सरकार का दिल नहीं पसीज रहा है।

सोशल मीडिया पर युवाओं के द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को टैग करके अपील की जा रही है कि जल्द से जल्द इन पदों पर भर्ती दी जाए, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने में युवा मदद कर सके। किंतु अभी तक सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं किया गया है।

सवाल यह उठता है कि राजस्थान सरकार के ही कई मंत्री और विधायक जब सरकार को इन पदों पर जॉइनिंग दिए जाने को लेकर मांग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं, फिर ऐसी क्या विडंबना है की सरकार इन युवाओं को नियुक्ति नहीं दे पा रही है?

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2018 में पुलिस बेड़े में शामिल करने के लिए 1600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की, जिसकी परीक्षा वगैरह सारा कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन अभी तक भी वरीयता सूची जारी नहीं की गई है। युवाओं द्वारा लगातार मांग किए जाने के बावजूद भी सरकार चेत नहीं रही है।

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