2000 डॉक्टर और 9500 नर्सिंगकर्मयों की भर्ती करेगी राज्य सरकार

प्रदेश में होगी 2 हजार नए चिकित्सकों की भर्ती, 9500 नर्सिंगकमियों को भी मिलेगी जल्द नियुक्ति-चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 22 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा है कि कोरोना से लड़ाई में मैनपावर की कमी नहीं आने दी जाएगी।

पिछले दिनों 735 नए चिकित्सकों जिलों में नियुक्ति दे दी गई है और अब 2000 नए चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर न्यायालय में अटकी 12 हजार 500 हजार जीएनएम और एएनएम की भर्ती का रास्ता साफ करते हुए 9 हजार एएमएम और जीएनएम को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी।

डाॅ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और चिकित्सा संस्थानों को सभी चिकित्सा सुविधाएं से युक्त करने के लिए भी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रदेश में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

चिकित्सा संस्थानों में वर्तमान में 4700 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है व आने वाले दिनों में इसकी भी संख्या 10 हजार होगी। सभी जिला मुख्यालयों पर भी जांच की सुविधाएं विकसित करने पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा जांचें कर कोरोना की वास्तविकता का पता लगाने के लिए संकल्पबद्ध है।

इसके लिए देश में सबसे पहले राजस्थान में ही रेपिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल किया गया। राजस्थान सरकार की सतर्कता की वजह से ही रेपिड किट्स की सच्चाई का पता चल सका।

रेपिड टेस्ट किट पर भी राजस्थान ने ही सबसे पहले इसकी शुद्धता (एक्यूरेसी) की जांच की और आईसीएमआर को देश भर में इससे की जाने वाली जांचों पर रोक लगानी पड़ी।

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कोरोना फोर्स से अभद्रता बर्दाश्त नहीं
उन्होंने बताया कि कोरोना से लड़ रही फोर्सेज का स्वस्थ रहना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस बल, प्रशासक, पत्रकार और अन्य सेवाओं के लोग इस लड़ाई में मुस्तैदी से लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इनके साथ किसी भी सूरत में बदतमीजी या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

चिकित्सा सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के लिए 400 मेडिकल वैन
शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित, कफ्र्यूग्रस्त व ऐसे क्षेत्र जो लाॅकडाउन की वजह से सामान्य चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं वहां 400 मेडिकल मोबाइल वाहनों द्वारा सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं।

ये एंबूलेंस सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सभी उपखंड मुख्यालयों व अन्य चिन्हित स्थानों पर चिकित्सा उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी।

कोई भी व्यक्ति जो किसी आम या विशेष बीमार से ग्रस्त है वह इस सेवा के अंतर्गत निःशुल्क उपचार ले सकेगा। इन मोबाइल वाहनों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी की गई है ताकि घरों में रह रहे लोगों को इसकी सूचना आसानी से मिल सके।

पत्रकारों की होगी कोविड-19 जांच
डाॅ. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की तरह ही पत्रकार बिरादरी अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन को कोरोना संबंधी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से पत्रकारों के पाॅजीटिव आने की सूचना मिली है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने निर्देश पर राज्य के पत्रकारों की कोरोना जांच करवाई जाएगी ताकि वे बेफिक्र होकर अपनी ड्यूटी निभा सकें।

चिकित्सकीय सामग्री की हो केंद्रीय खरीद व्यवस्था
उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए काम आने वाले पीपीई किट, वेंटिलेटर्स, एन-95 मास्क, टेस्टिंग किट्स सहित सभी चिकित्सकीय सामग्री खरीद का केंद्रीय व्यवस्था होनी चाहिए।

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आईसीएमआर द्वारा तय कंपनियों द्वारा राज्य सामग्री खरीद रहे हैं। केंद्र सरकार यदि केंद्रीय खरीद व्यवस्था में इसे ले लेती है तो राज्यों को मांग के अनुसार आपूर्ति हो सकती है।

राज्य सरकारों को मिले पर्याप्त मात्रा में गेहूं व खाद्यान्न
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश और देश में कोरोना के चलते गेहूं की कमी आ रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले जरूरतमंद लोगों के अलावा मध्यमवर्ग एक बड़ा तबका है जो किसी भी योजना के दायरे में नहीं आता।

ऐसे जरूरतमंदों को गेहूं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। तमाम राज्यों के जरूरतमंदों तक पर्याप्त मात्रा में गेहूं पहुंचे केद्र सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए।