मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विरोध पड़ा महंगा, 4 घन्टे बाद छात्रनेता गिरफ्तार

जयपुर।

सत्ता किसी की भी हो चेहरा एक सही होता है। पिछले साल तक पूर्व मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार की आलोचना की और विरोध करने वालों को गिरफ्तार करने पर शासन को तानाशाही बताया। लेकिन आज खुद अशोक गहलोत का विरोध करने पर पुलिस प्रशासन ने छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।

वह भी छात्रनेता को 4 घन्टे बाद। अशोक गहलोत के विश्वविद्यालय परिसर से निकलने के 4 घंटे बाद की गई गिरफ्तारी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल आज राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे थे।

उसी वक्त छात्रनेता अमित कुमार बड़बड़वाल ने किसान कर्जमाफी और कांग्रेस के द्वारा राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगारों को ₹3500 भत्ता देने के एलान को लागू करने की मांग को लेकर उन्होंने अशोक गहलोत को काले पोस्टर दिखाएं।

आनन-फानन में में पुलिस के द्वारा छात्रों को तब तो मौके से खदेड़ दिया गया, लेकिन बाद में एक-एक छात्र की पहचान कर उनको फोन करके थाने बुलाया और वहीं पर गिरफ्तार कर लिया।

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम दोपहर में करीब 12:00 बजे से लेकर 1:00 बजे तक संपन्न हो गया, लेकिन काले पोस्टर दिखाने वाले और विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले अमित कुमार बड़बड़वाल को शाम 4:30 बजे के करीब गिरफ्तार किया गया। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े होते हैं।

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