धरने के 11वें दिन आज अनशन पर बैठे RAS अधिकारी

Nationaldunia

जयपुर।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होने के 15 महिनों बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने के कारण 725 चयनित आरएएस अधिकारी 11 दिन से धरने पर बैठे हैं।

राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बैठे ये चयनित अधिकारी आज से अनशन पर बैठ गए हैं। बड़ी अजीब बात है कि विवि के मुख्य द्वार पर नई सरकार के गठन के बाद तीन बार धरना और अनशन हो चुका है।

सबसे पहले स्कूल व्याख्याता की तैयारी करने वालें ने, उसके बाद आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 वालों ने और अब आरएएस 2016 के चयनित अधिकारियों ने धरने के बाद अनशन किया है।

इन चयनित अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही अनशन पर बैठे रामसिंह सामोता ने बताया कि सरकार बीते 15 महिनों से इन अधिकारियों को उधार मांगकर जिंदगी चलाने पर मजबूर कर दिया है।

सभी 725 चयचित अधिकारी सरकार के बिना वजह के अड़ंगे के कारण अनशन पर बैठने को मजबूर हुए हैं।

उनका कहना है कि आरक्षण को गलत तरह से परिभाषित कर प्रतिभाओं का प्रत्याड़ित किया जा रहा है। बता दें कि साल 2016 में निकाली गई यह भर्ती सितंबर 2017 तक पूरी कर ली गई थी

लेकिन ओबीसी आरक्षण के दायरे को लेकर सरकार कोर्ट में चली गई, जबकि इसी तरह के मामले में सरकार 2013 में 990 आरएएस अधिकारियों को नियुक्ति दे चुकी है।

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