मिसाल/हिन्दू धर्म को बचाने के लिए किया विजातीय विवाह

Jaipur/jhunjhunu news

देश में इस वक्त जो लहर चल रही है, वो पूरी तरह से वैचारिक रूप से दो हिस्सों में बंट गई है। इसी का नतीजा है कि हिन्दू धर्म में लोग अब जातिवाद को जड़ से मिटाने के लिए आगे आ रहे हैं।

अब तक हिंदू धर्म में सैकड़ों जातियों में बैठे लोग धीरे-धीरे एक होने जा रहे हैं। कई बड़ी जातियों के लोग, छोटी जातियों के साथ और छोटी जातियां मानी जाने वाली जातियों के लोग, बड़ी जातियों में शादी करके धर्म की की एकता का परिचय दे रहे हैं।

ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया है शेखावाटी के झुंझुनू जिले में, जहां पर एक नर्सिंग स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय स्तर के छात्र नेता ने दूसरी जाति में विवाह करने का फैसला करके समाज के युवाओं के सामने एक मिसाल पेश की है।

जानकारी में आया है कि झुंझुनू के पिलाने में रघुनाथपुरा रहने वाले अखिल भारतीय नर्सिंग छात्र यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव जाट जाति के भरत बेनीवाल ने अपने अजमेर की रहने वाली ब्राह्मण जाति की लड़की शौर्या से शादी करने का फैसला किया है।

दोनों की विवाह की तारीख 30 जनवरी है और इसी दिन झुंझुनू से पिलानी से बारात रवाना होकर पुष्कर रोड पर लड़की के घर पहुंचेगी। 28 तारीख को लगन टीके का कार्यक्रम है।

भरत बेनीवाल के माता-पिता दोनों प्रिंसिपल हैं। पिता प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए हैं और माता अभी भी सर्विस में हैं, जबकि लड़की सूर्या के पिता भी एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं।

भरत बेनीवाल ने बताया है कि उन्होंने करीब 3 महीने पहले जयपुर में एक सभा के दौरान शपथ ली थी, कि जातिवाद को मिटाने के लिए वह खुद अपनी जाति में शादी नहीं करेंगे।

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