केसरिया रंग में रंगे कांग्रेस के G-23 के नेता, क्या भाजपा में शामिल हो रहे हैं?

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कपिल सिब्बल जैसे 23 नेताओं के सिर पर केसरिया पगड़ी धारण होने के बाद राजनीति में चर्चा किए हो रही है कि क्या ये सभी नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं?

एक दिन पहले ही गुलाम नबी आजाद के आवाहन पर जम्मू में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं के द्वारा सिर्फ गुलाबी पगड़ी धारण की गई और उसके साथ ही मंच पर कपिल सिब्बल जैसे नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कमजोर हो रही है और कांग्रेस में बदलाव की अति आवश्यकता है।

सभी मोर्चों पर कह चुके हैं अपनी बातें

गांधी ग्लोबल फाउंडेशन की ओर से जम्मू में शांति सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस मौके पर कांग्रेस के तमाम वह G-23 नेता शामिल हुए जो कांग्रेस पार्टी से असंतुष्ट बताया जाते हैं और पार्टी में बड़े बदलाव के लिए तमाम मोर्चों पर अपनी बात रख चुके हैं।

कई मायने निकाले जाते हैं

इस अवसर पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता इस कार्यक्रम में आने जानते थे, लेकिन मैंने मना कर दिया, सोचा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे तो कई मायने निकाले जाएंगे, हम सब एक हैं और यही कांग्रेस पार्टी की असली ताकत है।

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आजाद हो गए गुलाम नबी आजाद

इस अवसर पर कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को हम सब राज्यसभा में चाहते थे, क्योंकि गुलाम नबी आजाद जमीन से जुड़े हुए नेता हैं और जब हम को पता चला कि वह राज्यसभा से आजाद हो रहे हैं तो हम सब बहुत दुखी हुए।

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अशोक गहलोत पर तगड़ा प्रहार

आनंद शर्मा ने एक तरह से अशोक गहलोत के ऊपर तंज कसते हुए कहा कि हम सभी नेता खिड़की से आए हुए नहीं हैं, सभी छात्र राजनीति से जुड़े उसके बाद एनएसयूआई में आए और फिर कांग्रेस में इस मुकाम तक पहुंचे हैं, हमें किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि हम सच्चे कांग्रेसी हैं या नहीं।

क्या भाजपा में शामिल हो रहे हैं 23 नेता?

जम्मू कश्मीर में आयोजित इस कार्यक्रम का संदेश दिल्ली तक ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक गया। जिस तरह से सभी कांग्रेस के 23 नेताओं ने केसरिया पगड़ी धारण की और उसके फोटो-वीडियो वायरल हुई, उसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह सभी 23 नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं?

कांग्रेस पार्टी को तोड़कर दूसरी पार्टी बना सकते हैं

इधर कुछ लोगों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी टूट के कगार पर है, क्योंकि बाकी लोग गांधी परिवार से बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाना चाहते हैं। जबकि इन 23 नेताओं के द्वारा कहा गया है कि अगर पार्टी को जिंदा रखना है तो गांधी परिवार से बाहर सोचना होगा और किसी बाहरी व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान देनी होगी।

मई में हो सकता है बड़ा उलटफेर

अशोक गहलोत जैसे गांधी परिवार के विश्वसनीय लोगों के द्वारा लगातार इन 23 नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। मई के महीने में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव या नियुक्ति होनी है, उसके बाद पार्टी में बड़ा उलटफेर हो सकता है। पार्टी टूट भी सकती है और इन 23 नेताओं के साथ कई अन्य लोग भाजपा का दामन भी थाम सकते हैं।

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सोनिया गांधी से मिले अशोक गहलोत

एक तरफ जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के द्वारा जम्मू-कश्मीर में सम्मेलन आयोजित किया गया और वहां पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को तमाम तरह की बातें कहकर पार्टी में बदलाव की सलाह दी गई तो दूसरी तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पीसीसी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने देर रात सोनिया गांधी से मुलाकात की, जिसके भी कई मायने निकाले जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने गुलाम नबी आजाद की प्रशंसा की थी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले जब राज्यसभा से गुलाम नबी आजाद विदा हो रहे थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी राजनीतिक जीवन और निजी जीवन के बारे में बातें करते हुए काफी प्रशंसा की थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की आंखों में आंसू भी छलक आए थे। प्रधानमंत्री ने कहा था कि गुलाम नबी आजाद ने देश की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी है और अब, जबकि वह राज्यसभा से आजाद हो रहे हैं तो भी मैं उनको फालतू नहीं बैठने दूंगा, उनकी प्रतिभा का पूरा उपयोग लूंगा।

गुलाम नबी ने भी प्रधानमंत्री की तारीफ की थी

राज्यसभा में अपने कार्यकाल के आखिरी दिन गुलाम नबी आजाद ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूब प्रशंसा की थी। उन्होंने अपने जीवन के अनेक हिस्सों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत देश से ज्यादा अच्छा देश मुसलमानों के लिए दुनिया में कोई भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह 70 साल के हो चुके हैं, लेकिन भारत के कौन खुशनसीब लोगों में से एक हैं जो कभी पाकिस्तान नहीं गए।

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असदुद्दीन ओवैसी और हामिद अंसारी को सीख

एक तरफ जहां सांसद असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के द्वारा इस देश में मुसलमानों के असुरक्षित होने के दावे कर के झूठे आंसू बहाए जाते हैं तो दूसरी तरफ करीब चार दशक से मुख्य राजनीति में काम कर रहे गुलाम नबी आजाद के द्वारा कहा गया कि पूरे विश्व में मुसलमानों के लिए भारत से ज्यादा सुरक्षित देश कोई भी नहीं है और उनको इस चीज का गर्व है कि वह हिंदुस्तानी मुसलमान हैं।