सचिन पायलट को मिला मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद मिला है। आशीर्वाद देने वाला कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के ही दिग्गज नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन हैं।

दरअसल, सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा समेत पायलट के तमाम लोगों ने जब भरतपुर में 9 फरवरी को एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया था। उसके बाद सचिन पायलट ने अपने टि्वटर हैंडल पर एक वीडियो अपलोड किया था।

सचिन पायलट के द्वारा टि्वटर हैंडल पर वीडियो डालने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णन ने उस पर रिट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री भवः का आशीर्वाद दिया। आचार्य प्रमोद के इस ट्वीट के बाद राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में हलचल मच गई।

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उल्लेखनीय है कि आचार्य प्रमोद कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश के एक इलाके की प्रभारी प्रियंका वाड्रा के बेहद करीबी माने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा जो श्री ट्वीट किया गया है, उसको लेकर कांग्रेस पार्टी में हलचल पैदा होना लाजमी है।

12 फरवरी को राजस्थान में राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अजमेर और नागौर में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। इस दौरान सचिन पायलट भी उनके साथ रहेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के भी साथ रहने की उम्मीद है।

बता दें कि जनवरी 2014 में पीसीसी के अध्यक्ष बने सचिन पायलट के द्वारा तत्कालीन वसुंधरा राज्य सरकार के खिलाफ दिसंबर 2018 तक के संघर्ष किया गया था। जब कांग्रेस के द्वारा सत्ता प्राप्त की गई, तब ऐसा माना जा रहा था कि सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन अपनी राजनीतिक चतुराई का परिचय देते हुए अशोक गहलोत ने तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने में कामयाबी पाई थी।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बने और फिर सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री बने, लेकिन जुलाई 2020 में सचिन पायलट ने अपने साथी विधायकों के साथ अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत कर दी। करीब एक महीने बाद दोनों नेताओं के बीच कांग्रेस आलाकमान के द्वारा सुलह करवाई गई थी।

उसके बाद से लगातार सचिन पायलट जनता के बीच जाकर भीड़ दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सचिन पायलट टोंक, दोसा, भरतपुर समेत तमाम जिलों में किसान महा पंचायतों का आयोजन करके जनता के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत अशोक गहलोत को दिखाना चाहते हैं।