नई दिल्ली। आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर के आम नागरिक ई हियर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार के द्वारा कश्मीर के आम नागरिकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास रंग लाते नजर आ रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेने वाले शहीद औरंगजेब का 14 जून 2018 को अपरहण कर कत्ल कर दिया गया था।

लेकिन इसके बावजूद उसके पिता और भाइयों का जुनून और देशभक्ति का साहस नहीं टूटा और आज शहीद औरंगजेब के दो भाई भी सेना में शामिल हो गए।

शहीद औरंगजेब का तब अपहरण कर लिया गया था, जब वह ईद मनाने के लिए पुंछ जिले के सलानी गांव जा रहे थे। उनको मरणोपरांत शौर्य चक्र से नवाजा गया है।

शहीद औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ भी पूर्व सैनिक हैं। जब बेटे का कत्ल किया गया, तब उन्होंने फिर से सेना में जाकर आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने का वादा किया था।

अब उनके दो बेटे सेना में शामिल हुए हैं। मोहम्मद तारीक और मोहम्मद शब्बीर को खुद उनके पिता मोहम्मद हनीफ ने ही तैयार किया है।

शहीद औरंगजेब का बड़ा भाई मोहम्मद कासिम पहले ही 12 साल से सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। अब दो भाई और सिपाही के तौर पर सेना में शामिल हो गए हैं।

उनके पिता का कहना है कि अब उनके तीन बेटे देश की सुरक्षा के लिए और आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सेना में है और इस बात का उनको फक्र है।

शहीद औरंगजेब के पिता का कहना है कि उनके तीन बेटे सेना में हैं, एक बेटा शहीद हो चुका है और अभी भी दो बेटे हैं जो पढ़ाई कर रहे हैं। उनको भी वह पढ़ाई करने के बाद सेना में भर्ती करवाने की इच्छा रखते हैं।