Jaipur

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राजस्थान कि भारतीय जनता पार्टी यानी सदन में विपक्ष ने सरकार पूरी तरह बहिष्कार कर दिया।

1 घंटे का प्रेस प्रश्नकाल के बाद में शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक सदन में और सदन की कार्रवाई के दौरान जिन विधायकों के प्रश्न लगे हुए थे, उन्होंने अपने अपने हिस्से की प्रशन पूछे और और विधानसभा से निकलते बने।

मौजूदा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान इतने प्रसन्न सफलतापूर्वक निपटा दिए गए। हालांकि बीच-बीच में प्रश्नों के सही उत्तर नहीं देने के कारण विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी में सत्ता पक्ष की बीडी कल्ला, गोविंद सिंह डोटासरा, विश्वेंद्र सिंह चार मंत्रियों को डांट पिलाई।

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के पंचायती राज विभाग से भी दो प्रश्न सामने आए, जिसमें उन्होंने सहजता से जवाब दिया। बता दें कि सचिन पायलट के पास पंचायती राज विभाग है।

इस दौरान सबसे रोचक प्रश्न देवली उनियारा से कांग्रेस के विधायक हरीश मीणा के द्वारा उनके क्षेत्र से अध्यापकों प्रधानाध्यापकों के ट्रांसफर को लेकर पूछा गया, जिसमें शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि वहां से वहां 29 प्रिंसिपल ट्रांसफर किए गए हैं, जिनमें अधिकांश मीणा समाज से हैं।

इसको राजनीतिक दुर्भावना से पिछली सरकार ने किए थे, उनकी शिकायतें आ रही है, उनको वापस पोस्टिंग दी जा रही है।

हालांकि देखने में आया कि हरीश मीणा को एक प्रिंसिपल ट्रांसफर ज्यादा शिकायत थी, जिसके लिए अधिकारियों से मिलकर उस प्रिंसिपल का ट्रांसफर करने का निर्देश जारी कर देंगे।

सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए भाजपा की प्रवक्ता और आमेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सतीश पूनिया ने बताया कि अध्यक्ष के द्वारा प्रश्नों का चयन विपक्ष के साथ भेदभाव पूर्ण तरीके से किया जा रहा है, जिसका वे संवैधानिक तौर पर विरोध कर रहे हैं।