medical store without licence
medical store without licence

जयपुर।
बिना लाइसेंस लिए मेडिकल स्टोर खोलना भारी पड़ सकता है। जयपुर में एक व्यक्ति द्वारा लाइसेंस मिलने से पहले दुकान खोल ली। हालांकि, बताया है कि उसने लाइसेंस के लिए एप्लाई कर रखा था, लेकिन दुकान पहले ही खोल ली थी।

जयपुर महानगर न्यायालय ने बिना लाइसेंस के दवाईयों के विक्रय मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्रदीप चौधरी मालिक फर्म मैं श्रीलक्ष्मी मेडिकल एवं प्रोविजन स्टोर, लक्ष्मी नगर बस स्टेण्ड झोटवाडा जयपुर को एक वर्ष के साधारण कारावास व 5500 रूपए जुर्माना से दण्डित किया गया है।

औषधि नियंत्रक राजा राम शर्मा ने बताया कि 17 जून 2000 को औषधि नियंत्रण अधिकारी जयपुर द्वारा फर्म के विरूद्ध दवाईयों के अवैध व्यापार करने के मामले में कार्यवाही की गई थी।

कार्यवाही के दौरान 22 प्रकार की दवाईयों जैसे- मिफेनेमिक एसिड, आइबुकोम्ब टेबलेट, डेरिफाईलिन टेबलेट, फेमोटेक टेबलेट, डेक्सामिथासोन इंजेक्शन, जेन्टामिसीन इंजेक्शन, डेक्सट्रोज इंजेक्शन, मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन, न्यूरोबायोन फोर्ट इंजेक्शन, सिप्लोक्स आई ड्राप्स, डाइक्लोरान टेबलेट तथा आइबुजेसिक प्लस आदि दवाईयों का स्टाॅक जब्त किया गया था।

जो कि एन्टीबायोटिक, एन्टासिड, इंजेक्टेबल, सांस की दवाईयां, दर्द निवारक दवाईयां और फिजिशियन सेम्पल आदि से संबंधित थीं। इसकी पूरी पड़ताल करने के बाद मामला कोर्ट में गया था।

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।