‘…तभी समझ गया था कि हमारी सरकार बनेगी’:राहुल गांधी

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जयपुर। कांग्रेस पार्टी जनता की मन की बात सुनकर उनकी भावना के अनुसार काम करती है, वहीं भाजपा ने पांच साल तक सिर्फ अपने मन का किया है और जनता की अनदेखी की है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की भाजपा सरकार ने जनता को दर्द के सिवा कुछ नहीं दिया और आमजन की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया है।

वहीं कांग्रेस के सभी नेताओं ने जनता की दुविधा सुनकर उनकी समस्याओं के निदान का संकल्प ले रखा है। प्रदेश की मुख्यमंत्री गौरव यात्रा निकाल रहीं हैं, जिस पर मोदीजी के पोस्टर व टीवी चैनल्स पर बड़े-बड़े विज्ञापन चल रहे हैं, जिनका सारा खर्चा 5-10 उद्योगपति उठा रहे हैं। यह बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सागवाड़ा में आयोजित संकल्प रैली में उपस्थित जनता को सम्बोधित करते हुए कही।

गांधी ने कहा कि वसुन्धरा राजे के व्यवासायिक पार्टनर ललित मोदी ने जो लूट मचाई थी, उसमें उनकी भी पूरी भागीदारी थी। उन्होंने कहा कि देश का रेलवे बजट एक लाख, पचास हजार करोड़ है, वहीं मोदीजी चुनिंदा लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए एक लाख करोड़ लगाकर बुलेट ट्रेन लाना चाहते हैं।

जबकि भाजपा सरकार बनने से पहले यूपीए सरकार के दौरान वागड़ क्षेत्र के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृत रतलाम-बांसवाड़ा रेल परियोजना को ठप्प कर दिया है, जिससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी है।

जब हमारी सरकार बनेगी तो सबसे पहले वागड़ क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोडने के लिए काम किया जाएगा। जब हमारी सरकार थी तो हमने वायु सेना के लिए 126 राफाल विमान का सौदा 526 करोड़ रुपये में किया था और हिन्दुस्तान एयरोनोटिकल लिमिटेड को ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट देने का काम किया था जो भारत सरकार का उपक्रम है।

जिसने पूर्व में भी कई लड़ाकू विमानों का निर्माण किया है, परन्तु जैसे ही एनडीए सरकार आयी तो मोदी ने बिना रक्षा मंत्री को विश्वास में लिए फ्रांस जाकर 126 की जगह 36 विमान खरीदने का कॉन्ट्रेक्ट किया और वो भी तीन गुणा राशि बढ़ाकर और ऑफसेट पार्टनर के रूप में अपने उद्योगपति मित्र अनिल अम्बानी की कम्पनी का चयन कर लिया, जिन पर 45 हजार करोड़ बैंकों का कर्जा बकाया है।

जब भी मोदी से इस संदर्भ में संसद में जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं, तो वे आंख नहीं मिला पाते और मौन धर लेते हैं। जिससे साफ पता चलता है कि वे देश के हितों के साथ समझौता कर रहे हैं।

भाजपा की सरकार ने नोटबंदी की घोषणा कर मध्यम, छोटे व लघु उद्योगों को बर्बाद कर दिया और नोट बदलवाने के लिए केवल गरीब जनता ही बैंकों के बाहर सडकों पर कतारों में दिख रही थी कोई सूट-बूट वाला नहीं दिखाई दिया।

देश की बैंकों को 9000 करोड़ का चूना लगाकर विदेश भागने वाले माल्या ने देश के वित्तमंत्री को अपने भागने की सूचना दी थी और अपने आप को चैकीदार बताने वाले प्रधानमंत्री ने आज तक इस प्रकरण को लेकर कुछ नहीं कहा।

देश की जनता जानना चाहती है कि राफाल विमान तीन गुणा दरों पर क्यों खरीदा जा रहा है और सौदे के दौरान प्रतिनिधिमण्डल में अनिल अम्बानी को क्यों शामिल किया गया?

देश आज मोदी से पूछता है कि जीएसटी लगाकर देश की आर्थिक अर्थव्यवस्था को कमजोर करने वाले मोदी ने 9000 करोड़ रुपये लेकर भागे माल्या के विरूद्ध अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की?

अपने उद्योगपति मित्रों के एनपीए माफ करने वाले मोदी किसानों के कर्जे माफ करने से क्यों परहेज कर रहे हैं, उन्हें आत्मघाती कदम उठाने के लिए अपने हाल पर क्यों छोड़ दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मनरेगा को संसद के पटल पर नकारते हुए कहा था कि इस योजना के तहत् सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं, जबकि सब जानते है कि यह रोजगार की सबसे बड़ी योजना है।

जहां चीन में पचास हजार रोजगार प्रतिदिन दिए जाते है, वहीं हमारे देश में मात्र 450 लोगों को भी मुश्किल से रोजगार मिलता है। जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार देने के लिए सबसे ज्यादा काम किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगी। राहुल ने कहा कि जीएसटी का सरलीकरण कर आमजन को राहत देने का काम करेंगे और मुफ्त दवा योजना जैसी लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर जनता को राहत प्रदान करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि जनता की मौजूदगी इस बात का गवाह है कि जनता परिवर्तन चाहती है और भाजपा सरकार को उसकी वादाखिलाफी व जनविरोधी सोच के कारण सत्ता से बेदखल करने के लिए तैयार है।

जब-जब सोनिया व राहुल गांधी वागड़ क्षेत्र में आये हैं, तब-तब कांग्रेस की सरकारें बनी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि उदयपुर में भूख से 14 लोगों की मौत हो गई और बांसवाड़ा में कुपोषण के कारण नवजात बच्चें बेमौत मारे गए है।

मुख्यमंत्री से जनता हिसाब मांग रही हैं, क्योंकि उन्होंने अपने निर्वाचन जिले झालावाड़ में 17 हजार करोड़ खर्च कर विकास कार्य करवाने का दावा किया है, जबकि जिले के जिलाधीश ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर जिले के समस्त सूचकांकों के मध्यनजर जिले को पिछड़े जिलों में शामिल करने की मांग रखी है।

पायलट ने कहा कि जो अपने निर्वाचन क्षेत्र का विकास नहीं कर सकती, उनसे पूरे प्रदेश के विकास की उम्मीद रखना बेमानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच व नीति से प्रदेश की जनता त्रस्त है, इसलिए समाज के हर वर्ग का समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है, भारी बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी।

इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा राज में देश के माहौल में अराजकता और वैमनस्य बढ़ रहा है, इसलिए आज पूरे देश की जनता राहुल गांधी की तरफ बड़ी उम्मीद के साथ देख रही है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रेम, भाईचारे व सद्भावना का संचार कर रहे हैं, वहीं भाजपा के नेता अपनी भाषा व अपने कार्यों से जनता का अपमान करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं, एकता व भाईचारे को कमजोर करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी देश के संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए हर मोर्चे पर सक्रिय है। भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन की सभी लोक कल्याण की योजनाओं को ठप्प कर प्रदेश की जनता को जनसुविधाओं से वंचित कर दिया है। आज लोगों को अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करना पड़ रहा है।

‘नीति आयोग द्वारा घोषित पिछड़े जिलों की अनदेखी कर और अपने निर्वाचन वाले जिले झालावाड़ के विकास के झूठे दावे कर, क्या आप गौरव महसूस करती हैं?’

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से आज 29वां प्रश्न पूछा है कि ‘नीति आयोग द्वारा घोषित पिछड़े जिलों की अनदेखी कर और अपने निर्वाचन वाले जिले झालावाड़ के विकास के झूठे दावे कर, क्या आप गौरव महसूस करती हैं?’

पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 16 मई, 2018 को झालावाड़ के खानपुर में बयान दिया था, कि कभी पिछड़े जिलों में शामिल झालावाड़ अब विकास में अग्रणी है और 17 हजार करोड़ के विकास कार्य झालावाड़ में किये गये हैं।

लेकिन उन्होंने कभी भी प्रदेश के चिन्हित पिछड़े जिलों धौलपुर, करौली, सिरोही, जैसलमेर एवं बाड़मेर के बारे में इस प्रकार की न चिंता दिखाई और ना ही इन जिलों में इतनी बड़ी राशि के कार्यों के आंकड़े जनता के सामने पेश किये हैं।

पायलट ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए भेदभावपूर्ण सोच और पिछड़े जिलों के प्रति उनकी अनदेखी का प्रमाण है। मुख्यमंत्री एक तरफ तो झालावाड़ जिले में 17 हजार करोड़ के विकास कार्य होने का दावा करती हैं।

दूसरी तरफ जिला कलेक्टर झालावाड़ द्वारा केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया जाता है कि विभिन्न सूचकांको को देखते हुए झालावाड़ जिले को पिछड़े जिलों की सूची में शामिल किया जाए। जिससे साफ पता चलता है कि मुख्यमंत्री के 17 हजार करोड़ के विकास के दावे खोखले हैं।

क्योंकि इतनी बड़ी राशि को खर्च करने का दावा होने के बावजूद झालावाड़ को पिछड़े जिलों में शामिल करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत करवाया गया है।

झालावाड़ से 1989 से लगातार प्रतिनिधत्व करने और दस साल तक एक ही विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बावजूद क्यों झालावाड़ की शिशु मृत्यु दर 51 है, जबकि प्रदेश की औसत शिशु मृत्यु दर 43 है।

राज्य सरकार द्वारा निर्मित योजनाएं जनता को पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रही है, गर्मियों में आज भी मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के 176 गॉंवों के लोग पेयजल के लिए टैंकरोंपर निर्भर है। झालावाड़ जिले का स्कूल ड्रॉप आऊट 7 है, जो कि राज्य के औसत 5.5 से 30 प्रतिशत अधिक है।

पायलट ने कहा कि इन पिछड़े 5 में से एक जिले करौली की मॉनिटरिंग के लिए नीति आयोग के अधिकारी जिला मुख्यालय पर बैठक करके राज्य सरकार के कामकाज पर निराशा व्यक्त कर चुके हैं, जो इस बात का गवाह है कि गत् समय में भाजपा सरकार ने पटरी पर चल रहे विकास को हर जिले में ठप्प कर दिया है।