om mathur sunil bansal bjp
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-राजस्थान में लोकसभा चुनाव के बाद बदलेगा संगठन का ढांचा

जयपुर। लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना, यानी 23 मई के बाद न केवल देश में सरकार बदलने का काम होगा, बल्कि साथ ही साथ राजस्थान में भाजपा के संगठन में भी बदलाव किया जाएगा।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर और यूपी के सह प्रभारी सुनील बंसल को राज्य में बड़ी जिम्मेदार देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश माथुर या सुनील बंसल को प्रदेश का अगला अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके साथ ही दोनों में से एक को प्रदेश के संगठन महामंत्री के तौर पर भी नियुक्ति की संभावना है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार ओमप्रकाश माथुर को राज्य में यदि जिम्मेदारी सौंपी जाएगी तो फिर सुनील बंसल को अभी उनके सहायक के तौर पर रखा जाएगा।

लेकिन अगर ओमप्रकाश माथुर को नई सरकार बनने की स्थिति में केंद्र में मंत्री बनाया जाता है तो सुनील बंसल की राज्य इकाई में बड़ी भूमिका होगी।

बताया तो यहां तक जा रहा है कि सुनील बंसल को की-रोल में लगाया जा सकता है, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष की भी संभावना है।

वसुंधरा राजे को घेरने की तैयारी

सूत्रों का दावा है कि किरोडीलाल मीणा का पार्टी में आना, हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन करना, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को लगातार खुद मोदी की टीम द्वारा आगे करना और वसुंधरा राजे को केंद्र में उपाध्यक्ष बनाना केवल संयोग नहीं है, बल्कि बदली हुई परिस्थितियों में उनको राज्य की राजनीति से दूर करने की कवायद है।

एक्टिव हैं ये नेता

बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश माथुर और सुनील बंसल को खुद आरएसएस के द्वारा आगे किया जा रहा है।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को कमजोर करने के लिए उनके खास रहे लोगों को अब संघ ने अपनी तरफ लेना शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही उनके धुर विरोधी नेताओं को भी एकजुट किया जा रहा है। किरोड़ीलाल मीणा, हनुमान बेनीवाल के अलावा बाड़मेर से कैलाश चौधरी, जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत, जयपुर ग्रामीण से राज्यवर्धन सिंह राठौड, आमेर विधायक सतीश पूनिया, बीकानेर से अर्जुनराम मेघवाल और राजसमंद से दीया कुमारी को संघ ने अपने लक्ष्य को साधने के लिए एकजुट कर लिया है।

दीपावली से पहले उलटफेर की चर्चा

इसके साथ ही यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि राज्य में 23 मई के बाद बड़े बदलाव न केवल भाजपा में होंगे, बल्कि राजस्थान की सरकार में भी होंगे।

जिसमें सरकार का चेहरा बदलने का काम किया जा सकता है। इस बात पर भाजपा भी निगाहें गढ़ाए बैठी है।

भाजपा के सूत्रों का दावा है कि दीपावली से पहले राज्य में बड़ सियासी चैंज होने वाला है। इसको लेकर बीते दिनों गुलाबचंद कटारिया और वासुदेव देवनानी ने भी बयान दिया था।