भर्ती प्रक्रिया पर सवालों से जूझ रहे चिकित्सा विभाग में नर्सिंग छात्रों ने भी मोर्चा खोल दिया है। आज छात्रों ने भर्ती निकालने की मांग को लेकर भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव की चेतावनी दे दी है।

नर्सिंग छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सावर जोशी ने बताया कि राजस्थान के समस्त विधायकों को नर्सेज की ओर से से विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।

इसी क्रम में जिला अध्यक्ष कमल मीणा के नेतृत्व में जयपुर विधायक अशोक लाहोटी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की है कि समस्त मांगों को तुरंत प्रभाव से निपटाया जाए।

पुरानी सरकारों द्वारा नर्सिंग स्टाफ के लिए निकाली गई (2006 से 2018) समस्त भर्तियों को पूरा किया जाए और कम से कम 20 हजार अतिरिक्त भर्तियां निकालकर लिखित परीक्षा के माध्यम से जल्द से जल्द भर्ती की जाए।

कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्राइवेट अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ का वेतनमान कम से कम 20000 रुपए प्रतिमाह होना चाहिए, लेकिन राजस्थान राज्य में प्राइवेट हॉस्पिटल में नर्सेज का वेतनमान 5 से 7000 के प्रतिमाह दिया जा रहा है।

कम तनख्वाह से उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। इसलिए इन आदेशों को राजस्थान राज्य में जल्द से जल्द लागू किया जाए।

नर्सिंग स्टाफ अपना डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त करने के लिए 4 से 5 साल मेडिकल की स्टडी करता है और लाखों रुपए खर्च करता है, लेकिन अधिकार के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है।

राजस्थान के हर जिले और हर गांव में नीम हकीम झोलाछाप डॉक्टर हैं, जो आए दिन जनहानी करने का काम करते हैं। इन सभी को देखते हुए नर्सेज को दवाईयां लिखने और रखने का अधिकार दिया जाए।

राजस्थान के प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे लोग नर्सेज का कार्य कर रहे हैं, जिनके पास ना ही कोई डिग्री है और ना ही कोई डिप्लोमा है। ऐसे फर्जी नर्सिंग स्टाफ को बाहर निकाला जाए।

नर्सेज की विभिन्न मांगों का जल्द से जल्द सरकार के द्वारा निराकरण नहीं किया जाता है तो आगामी दिनों में नर्सिंग छात्र संगठन के द्वारा विधानसभा का घेराव और जयपुर में भूख हड़ताल जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

ज्ञापन देने वालों में लोकेश कुमार बडोलिया, अंकुश बोयल, अजयपाल, नरेश भाटी, बलवन्त गुर्जर, शंकर लाल सौराण, केदार लाल सैनी, अंकित गढवाल, राकेश गुर्जर, अनिल जाखर, अजय, पवन आदि छात्र मौजूद थे।