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राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर के कोठारी के खिलाफ छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आज कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई ने कुलपति सचिवालय के बाहर कुलपति प्रोफ़ेसर कोठारी को हटाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना दे दिया है।

शोध छात्र प्रतिनिधि राम सिंह सामोता के नेतृत्व में एनएसीआई के छात्रों ने पहले रैली निकाली और उसके बाद कुलपति सचिवालय के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।

समोता का आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुलपति तानाशाही पर उतरे हुए हैं, उनके द्वारा मानवीकीपीठ के लिए सैंक्शन किए गए 5 करोड़ रुपए खर्च नहीं किए जा रहे हैं। केंद्रीय लाइब्रेरी के लिए 17 करोड़ रुपए का बजट पड़ा हुआ है, लेकिन लाइब्रेरी को चालू नहीं किया जा रहा है।

इसके अलावा शोध छात्रों का एचआरए के रूप में हर साल कटने वाले एक करोड़ रुपए करीब एक करोड़ विश्वविद्यालय नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में काम नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते आए दिन छात्रों की गाड़ियां चोरी होती है।

महिला छात्रावासों में पुरुष गार्ड लगें, लड़के मेस में खाना बनाने का काम कर रहे हैं, जिससे छात्राएं असहज महसूस करती हैं। इसके अलावा अन्य मांगों के साथ 11 सूत्री मांग पत्र राज्यपाल को भेज दिया है।

उन्होंने बताया कि जब तक कुलपति कोठारी को विश्वविद्यालय से दूर नहीं किया जाएगा, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि 30 मार्च को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति को लेकर कोई फैसला लेने के लिए विश्वविद्यालय और बाहर से बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया है।

सूत्रों का दावा है कि कल शाम तक मुख्यमंत्री कोठारी को इस्तीफा देने के लिए निर्देश दे सकते हैं। ऐसी चर्चाएं इस विद्यालय के शिक्षकों में भी चल रही है। कुलपति ने इसको लेकर कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री के निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे।

शोधार्थी राम सिंह सामोता के नेतृत्व में शुरू किए गए एनएसयूआई के इस धरने में शामिल होने के लिए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी आ रहे हैं।

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