Jaipur

राजस्थान विश्वविद्यालय में 27 अगस्त को होने वाले मतदान से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई की सारी गणित बगावत करने वाले उम्मीदवारों ने बिगाड़ कर रख दी है।

एबीवीपी को जहां निर्दलीय प्रत्याशी नितिन कुमार शर्मा की बगावत के चलते महासचिव पद पर हार दिखाई देने लगी है। वहीं एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार उत्तम चौधरी के समक्ष एनएसयूआई से ही बगावत कर मैदान में उतरी पूजा वर्मा और मुकेश चौधरी ने हालत पतली कर दी है।

हालांकि, एबीबी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अमित कुमार बड़बड़वाल के सामने संगठन में से किसी भी छात्र नेता ने बगावत नहीं की है, लेकिन महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर नितिन कुमार शर्मा जैसे मजबूत उम्मीदवार के आज आने के बाद एबीवीपी की सांसे अटक गई है।

इसी तरह से उपाध्यक्ष के पद पर एबीवीपी के दीपक कुमार और एनएसयूआई की प्रियंका मीणा के सामने एसएफआई की कोमल बुरड़क तगड़े कैंडिडेट के रूप में सामने आई है।

इसी तरह से महासचिव के पद के लिए एबीवीपी के अरुण शर्मा और एनएसयूआई के महावीर गुर्जर के सामने नितिन कुमार शर्मा जहां सबसे भारी नजर आ रहे हैं।

वहीं एनएसयूआई से बगावत कर राजेश चौधरी, जितेंद्र कुमार जीत और अभिषेक मीणा बड़े कैंडिडेट के रूप में सामने आये हैं।

ऐसे में एनएसयूआई के महावीर गुर्जर और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अरुण शर्मा के सामने नितिन कुमार शर्मा के आने से दोनों उम्मीदवारों की हालत पतली होती नजर आ रही है।

इसी तरह से संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी की किरण मीणा और एनएसयूआई की लक्ष्मी प्रताप खंगारोत के सामने अशोक चौधरी सबसे मजबूत कैंडिडेट बनकर खड़े हैं। शोध छात्र प्रतिनिधि के पद पर दोनों ही प्रत्याशी बराबर के नजर आ रहे हैं।