नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाकर 2019 में सत्ता प्राप्त करने को आतुर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के तमाम उन प्रयासों को करारा झटका लगा है, जिसमें वह महागठबंधन बनाकर मोदी को शिकस्त देने की तैयारी कर रहे थे।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महा गठबंधन की संभावनाओं से इनकार करते हुए तेलंगाना के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री टीएसआर के सुर में सुर मिलाकर भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाने की वकालत की है।

अखिलेश यादव ने कहा है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के द्वारा सुझाया गया भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा समस्त विपक्षी दलों को एक गठबंधन मिलाकर इन दोनों दलों को सत्ता से दूर रखना चाहिए।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि मध्य प्रदेश में उनकी एकमात्र विधायक बने थे। जिनको कांग्रेस पार्टी के मुख्य मंत्री कमलनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी उसके लिए उनको धन्यवाद देते हैं, साथ ही 2019 के लिए नमस्ते करते हैं।

कांग्रेस पार्टी के रवैया पर सख्त नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही केवल सत्ता की लालसा रखती है। देश की सेवा करने के लिए अन्य विपक्षी दलों को एक होकर केंद्र में सरकार बनानी होगी।

आपको बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के बाद शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के साथ तमिलनाडु में खड़े 21 दिनों में से बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी शामिल नहीं हुई थी।

दूसरी तरफ बहुजन समाजवादी पार्टी के मुखिया मायावती ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि जब तक कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में उनको सम्मानजनक सीटें नहीं देगी, तब तक महागठबंधन में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मायावती के इस रवैया के चलते कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी कि उन तमाम कोशिशों को गहरा आघात लगा है, जिनके तहत उन्होंने 2019 में महागठबंधन बनाकर नरेंद्र मोदी को सत्ता से बेदखल करने का दावा किया था।