—एनएचएम में हुए भर्ती बड़े घोटाले को लेकर पूर्व मंत्री कालीचरण ने की सीबीआई जांच की मांग।
jaipur
चिकित्सा विभाग के एनएचएम में निदेशक और सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. समित शर्मा की ओर से सरकार की अनुमति के बिना निकाली गई हैल्थ अधिकारियों के 2500 पदों की भर्ती घोटाले पर भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार को घेरा है।

भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में बिना मंजूरी निकाली भर्ती में हुए बड़े घोटाले पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा यह आश्चर्य की बात हैं कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एसीएस रोहित सिंह और मंत्री डॉ. रघु शर्मा को भी इस भर्ती के बारे में पता नहीं चला।

इस संदर्भ में कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस पूरे घोटाले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि अगर इस घोटाले की इमानदारी से जांच होगी तो करोड़ों रुपयों का गंदा खेल सामने आएगा।

गौरतलब है कि एनएचएम में हैल्थ अफसरों के 2500 पदों पर भर्ती के लिए निदेशक डॉ. समित शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से अनुमति लिए बगैर ही निकाल दी।

इसकी परीक्षा भी शनिवार को आयोजित होनी थी, किंतु शुक्रवार को ही इसका खुलासा तब हुआ, जब विधायकों ने अपने अपने लोगों को पास करवाने के लिए मंत्री रघु शर्मा से अप्रोच लगाई।

मजेदार बात यह है कि मंत्री रघु शर्मा जहां इसकी जानकारी से इनकार कर रहे हैं, वहीं इस भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने एक वीडियो ‘नेशनल दुनिया’ को भेजा है, जिसमें उनके घर पर ही कई दिन पहले सारी जानकारी दे दी गई थी।

मामले की गंभीरता और अधिकारियों की लिप्तता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डॉ. समित शर्मा ने खुद ही एसीएस से माफी मांगी है और अनुमति नहीं लेने की बात भी स्वीकार की है।

अब सवाल यह उठता है​ कि क्या सरकार इस प्रकरण की इमानदारी से जांच करवाएगी, या एसएमएस अस्पताल की लाइफ लाइन में लगी आग और उसमें करोड़ों रुपयों के स्वाहा हुए घोटाले की तरह मौन साध लेगी?

फिलहाल खबर लीक होने के बाद पूरी ब्यूरोक्रेसी और डॉक्टरों में डॉ. समित शर्मा की इमानदारी और उनके द्वारा मीडिया को साथ लेकर अस्पतालों और डॉक्टरों पर लिए जाने वाले एक्शन की बातें तरह तरह से सामने आ रही है।