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नई दिल्ली।

राम जन्म भूमि मंदिर मामले में आज होने वाली सुनवाई टाल दी गई है।

कोर्ट ने अगली सुनवाई 10 जनवरी को मुकर्रर की गई है। बताया जा रहा है कि सीजेआई समेत 3 जजों की पूर्ण बैंच सुनवाई करेगी।

उसी दिन यह भी तय होगा कि सुनवाई पूर्ण बैंच डे तो डे बेस पर होगी या फ़ास्ट ट्रैक अदालत के द्वारा की जाएगी।

आपको बता दें कि इससे पहले 1 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी, अध्यादेश नहीं लाएगी।

उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कर रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के द्वारा 2010 में दिए गए फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई थी।

इधर, सियासत भी तेज हो गई है। रामविलास पासवान ने अध्यादेश का विरोध किया है, दूसरी तरफ बीजेपी की अलाइंस पार्टी शिव सेना ने राम मंदिर मामले पर अध्यादेश नहीं लेन पर भाजपा को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

इससे पहले आज राजनीतिक रूप से अति संवेदनशील राम जन्मभूमि बाबरी भूमि विवाद में दायर अपीलओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मामला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष था, लेकिन 10 मिनट के भीतर ही अगली तारीख दे दी गई।

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 में यहां 2.77 एकड़ भूमि पर सुन्नी वक्फ, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था।

आपको यह भी बता दें कि 27 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्य खंडपीठ ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए 1994 के फैसले पर टिप्पणी पर 5 जजों की पीठ के पास नहीं भेजने और नए सिरे से विचार करने से इनकार कर दिया था। इस फैसले में की टिप्पणी में मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है, यह बताई गई थी।