वुहान की सरकारी लैब में ही बना था कोरोना वायरस

नई दिल्ली। दुनिया में पिछले 7 महीने से कहर बरपा करीब 10 लाख लोगों की मौत और लगभग 3 करोड़ जनसंख्या को अपनी जद में ले चुका कोरोना वायरस ड्रेगन, यानी चीन की वुहान वाली सरकारी लैब से ही बनकर निकाला गया था।

इस बात का खुलासा करते हुए चीन की प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट डॉ. ली मेंग यान के द्वारा दावा किया गया है कि चीन के वुहान शहर में स्थित सरकारी लैब में ही कोरोनावायरस पैदा किया गया था।

वायरोलॉजिस्ट डॉ ली का कहना है कि पेंटिंग को कोरोनावायरस के बारे में पहले ही पता चल गया था, इस वैश्विक महामारी के दुनिया में खेलना शुरू हुआ था, तब चीन को इस बारे में जानकारी थी। इस बात का दावा करने के बाद डॉ ली अपनी जान बचाकर भागने पर मजबूर हैं।

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया है कि कोरोनावायरस चीन के विहान लैब में बनाया गया था, इसके पुख्ता सबूत भी उनके पास हैं। साथ ही कहती हैं कि ड्रैगन की सरकारी डेटाबेस से उसकी सारी जानकारी उड़ा दी गई है।

उन्होंने यह भी कहा है कि वहां के मार्केट में covid-19 की शुरुआत की खबरें फैलाना केवल दुनिया से छलावा करना है, इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित होने वाली है। जिसमें कोरोनावायरस के आदमी के हाथों बनाए जाने के पूरे सबूत दिए गए हैं।

डॉ ली ने अपनी जान बचाने के लिए फिलहाल अमेरिका में शरण ले रखी है। उनका कहना है कि यह वायरस प्राकृतिक नहीं है बल्कि चीन के द्वारा बनाया गया है।

डॉ. ली का कहना है कि वह वुहान की लैब से बाहर आया हुआ यह वायरस जिनोम सीक्वेंस इंसानी फिंगरप्रिंट जैसा है। इसके आधार पर वायरस की पहचान की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मैं सबूत दे कर बताऊंगी कि कि चीन में ही यह बनाया गया था।

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इसके साथ ही उन्होंने दावा किया है कि उनके सहकर्मियों के द्वारा डॉ ली के बारे में अफवाह फैलाने के लिए चीन के द्वारा प्रोपेगेंडा बनाया गया। यही एक बड़ा कारण है कि दुनिया के कई अखबारों में बेबुनियाद खबरें आ रही हैं।