भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की उम्र में निधन

नई दिल्ली। भारत रत्न से सम्मानित भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रणब मुखर्जी को 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा भारत रत्न से नवाजा गया था।

इससे पहले 2012 से लेकर 2017 तक प्रणब मुखर्जी भारत के राष्ट्रपति रहे। विपक्षी दल से होने के बावजूद वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 2014 से 2017 तक प्रणब मुखर्जी को लेकर काफी प्रशंसा की गई थी।

प्रणब मुखर्जी ने 84 साल की उम्र में से 60 वर्ष राजनीति में गुजार दिए। उनको कांग्रेस के कद्दावर नेता के रूप में जाना जाता था 2004 में जब मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया गया था, तब कांग्रेस के नेताओं के द्वारा प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की वकालत की गई थी।

अपनी विद्वता के चलते प्रणब मुखर्जी हमेशा सोनिया गांधी के प्रतियोगी के तौर पर देखे जाते थे। कांग्रेस के अंदर गांधी परिवार से इधर प्रणब मुखर्जी की बड़ी इज्जत थी।

पश्चिम बंगाल से आने वाले प्रणब मुखर्जी बीते काफी दिनों से अस्पताल में भर्ती थे, पिछले दिनों भी अचानक एक वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा उनके निधन की सूचना वायरल कर दी गई थी। बाद में उनके बेटे ने इस पर सफाई देते हुए पत्रकार की जमकर खिंचाई की थी।

राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस पार्टी में जहां लंबे समय तक संगठन में विभिन्न पदों पर रहे, वहीं कई सरकारों के दौरान केंद्र में कैबिनेट मंत्री भी रहे।

प्रणब मुखर्जी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया समेत सभी राजनेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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