‘आ रही है एलआरडी की सवारी’ के बाद आज ‘आ रही है बेरोजगारों की सवारी’

अहमदाबाद। गुजरात सरकार के द्वारा राजस्थान की सरकार की तरह ही बेरोजगार युवाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण अब गुजरात के युवा भी आंदोलन की राह पकड़ चुके हैं।

गुजरात शिक्षित युवा बेरोजगारी समिति के द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है। एलआरडी पुरुष के साथ नाइंसाफी को लेकर पुरुष अभ्यर्थियों के द्वारा ट्विटर और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों के द्वारा सरकार को चेतावनी दी जा रही है।

गौरतलब है कि रविवार को युवा बेरोजगारों के द्वारा “आ रही है एलआरडी की सवारी” के बाद आज सोमवार को “आ रही है बेरोजगारों की सवारी” के नाम से ट्विटर पर ट्रेंड चलाया गया है।

गुजरात शिक्षित युवा बेरोजगार समिति के महेंद्र माली के मुताबिक जो छात्रों की आवाज़ उठाने के लिए आगे आई है। सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए।

उनका कहना है कि आज सरकार ने हमारे साथ अन्याय किया है, कल किसी और कि बारी है। इसलिए सब युवाओं को मिलकर साथ आना चाहिए।

इन भर्तियों को लेकर हुई है लड़ाई

GPSC ASSI.PRO क्लास 2 की भर्ती 2015 में 278 रिक्तियों के साथ भरती की गई। उसे अभी तक नियुक्त नहीं किया गया है।

कुछ समय पहले सरकार ने 278 पदों में से 178 पद हटा के सिर्फ 100 पदो की वेकंसी कर दी, जब 278 उम्मीदवार इन्टरव्यूह भी पास कर के बैठे हैं। सिर्फ ओर्डर ही बाकी है। यह कितना उचित है?

फॉरेस्ट गार्ड क्लास 3 की भर्ती 300+ रिक्त पदों के लिए अगस्त 2018 में फॉर्म भरा गया था। इसकी अभी तक परीक्षा नहीं की गई है। यह कितना उचित है?

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LRD पुलिस कांस्टेबल क्लास 3 की भर्ती में, लड़कियों ने 01/08/2020 के परिपत्र के कारण 76 दिनों के लिए आंदोलन किया, फिर सरकार ने परिपत्र और भारत के संविधान को साइड में रखा और लड़कियों के स्थान को 2485 तक बढ़ाया और मेरीट लिस्ट 62.5 रख दिया। सभी कोटा पर और एकतरफा निर्णय दिया और लड़कों के साथ अन्याय किया।

वृद्धि पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का कोई निर्णय नहीं है कि कोई भी सरकार प्रशिक्षण शुरू होने के बाद भर्ती स्थान को बढ़ा सकती है और यदि इसे बढ़ाया जा सकता है तो दोनों पक्ष एक पार्टी को बढ़ा सकते हैं और दूसरे पक्ष के साथ अन्याय नहीं कर सकते हैं।


कुल वेकंसी 9713 थी। जब लड़कियों की आरक्षीत कोटा 33% हे जब इस पदों पर ये लागू ही नहीं किया गया। जब की लडकीयो की मांग परीपत्र रद्द करने की थी। पद बढाने की मांग थी ही नहीं।

तहसीलदार / जूनियर क्लर्क क्लास 3 भर्ती 3500+ रिक्ति के फॉर्म भी अगस्त 2018 में भरे गए थे जिनकी अभी तक परीक्षा नहीं की गई है।

सचिवालय भर्ती क्लास 3 के 3900+ रिक्त पद भरे गए। 17 नवंबर को परीक्षा हुई पेपर लीक हो गया परीक्षा रद्द करवाने के लीए 04/12/2019 को आंदोलन हुआ फीर SIT का गठन हुआ और परीक्षा रद्द की गई उसकी अभी तक परीक्षा की नई तारीख नही आई ।यह कितना उचित है?

टेट टाट / आईटीआई / एडीटीओ / सीनियर क्लर्क क्लास 3 की आदि जैसी कितनी भर्तियां हैं जिसके साथ अन्याय हुआ है ।