फ़र्ज़ी था विकास दुबे का एनकाउंटर!

कानपुर। जिले के बिकरु इलाके में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले कुख्यात अपराधी विकास दुबे का उत्तर प्रदेश की पुलिस के द्वारा शुक्रवार सुबह 6:30 बजे कानपुर से 25 किलोमीटर दूर उज्जैन-कानपुर हाईवे पर एनकाउंटर कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा उज्जैन से विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था। इस दौरान सुबह 6:30 बजे एसटीएफ के जवानों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठे विकास दुबे की गाड़ी हाईवे पर पलट गई।

गाड़ी पलटने के बाद अपराधी विकास दुबे भागने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान उसने एसटीएफ के जवानों के ऊपर उन्हीं की पिस्तौल से फायरिंग करने का प्रयास किया जवानों के द्वारा उसको सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माना इसके बाद एसटीएफ के जवानों ने उसके ऊपर गोलियां दाग दी।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को सुबह 7:00 बजे के करीब की घोषणा की कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मध्यप्रदेश चलाते समय एक एनकाउंटर में मार दिया गया।

मध्यप्रदेश में उज्जैन शहर स्थित महाकाल मंदिर में 9 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे का उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स का दल अपने साथ कानपुर ला रहा था।

पुलिस का कहना है कि जब पुलिस दल की एक गाड़ी पलट गई तो विकास दुबे भागने की कोशिश कर रहा था तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी इस खबर की पुष्टि के कुछ देर बाद ही पुलिस के पीछे आ रहे थे।

उन्होंने बताया कि इससे पहले ही पुलिस द्वारा अचानक उनकी गाड़ियां रोक दी गई थी। इस बढ़ जाता है कि इस कथित एनकाउंटर को अंजाम देने के इरादे से ही गाड़ियों की आवाजाही रोकी गई थी।

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एक समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि जिस गाड़ी में जा रहा था क्षेत्र के हादसे का शिकार हो गई थी पुलिस ने यही कहा कि उनके काफिले की गाड़ी पलट गई।

इस बीच दुबे ने कथित तौर पर एक घायल पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनने की कोशिश की पुलिस के अनुसार दुबे ने लिखे होने के बावजूद पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की जिसमें वह घायल हो गया फिर उसे अस्पताल ले जाया गया।

जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया आज तक की रिपोर्ट के अनुसार करीब 6:30 बजे एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर कानपुर में दाखिल हुई उनके काफिले के पीछे इस चैनल की टीम थी। यहां आवाजाही प्रतिबंधित थी और मीडिया के वाहनों समेत सभी निजी वाहनों को रोक दिया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही थी और चैनल की गाड़ी को भी चेकिंग के बाद जाने दिया गया। आगे पहुंच कर उन्होंने काफी लेकर एक गाड़ी पलटी हुई देखी जहां कथित तौर पर छीनकर भागने की कोशिश की थी और पुलिस की गोली उसे लगी थी।

हिंदी समाचार चैनल के रिपोर्टर ने इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस द्वारा सभी गाड़ियों को अचानक रोक दिया गया था। नाम न बताने की शर्त पर इस रिपोर्टर ने कहा जिस कार में दुबे को ले जाया गया था मैं और मेरा कैमरा मैन पर्सन उससे कुछ ही पीछे थे।

अचानक पुलिस ने हम सभी को रोक दिया और हमारी गाड़ियों की तलाशी ली जाने लगी अचानक ही पुलिस हमारे आईडी कार्ड मांगने लगी हमारी मीडिया संस्थान के बारे में पूछने लगी।

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बीती रात से ही करीब मीडिया को आधा दर्जन गाड़ियां पुलिस के मोमेंट के साथ चल रही थी इस रिपोर्ट में बताया कि उस समय तक ट्रैफिक सामान्य था, लेकिन अचानक रोड जाम हो गया कि केवल पुलिस की ही वह गाड़ियां जिसमें था उसे आगे जाने दिया गया।

उस वक्त 7:00 बजने के कुछ ही मिनट बाकी थे। कुछ देर बाद कानपुर पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी। दुबे को एनकाउंटर में मार दिया गया और वह दो पुलिसकर्मियों के बीच में बैठा था।

वीडियो में करते हुए देखा जा सकता है कहा जा रहा है कि यह सभी गाड़ियां की गई थी, का कहना है कि यहां पर पुलिसकर्मी जोड़ देता है कि यह परमानेंट है कुछ मीडिया कर्मियों के साथ पुलिस की बात सामने आई है।

विकास दुबे को पुलिस की टीम के सदस्य 8 किलोमीटर उसको गाड़ी पर हमला किया था। रिपोर्टर के मैसेज के अनुसार पुलिस ने गाड़ी रोकी ड्राइवर का कॉलर पकड़ा और उस पर चिल्लाया।

उन्होंने गाड़ी की चाबी निकालकर झाड़ियों में फेंक दी जब कैमरामैन जावी उठा कर लाया तो उसने चाबी छीनकर भागे चले गए। इधर पुलिस के विकास दुबे के पिस्तौल छीन के जवाबी फायरिंग में मरने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं।

इससे पहले गुरुवार को सुबह दुबे के 1 साथी की भी एनकाउंटर में मौत की बात कही गई थी। इस मामले में पुलिस ने कहा था कि जब वे उस व्यक्ति को ला रहे थे।

उसने पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की ज्ञात हो कि 2 जुलाई को देर रात उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के विक्रम गांव में पुलिस की एक टीम गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई थी।

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इस पर विकास और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया इस मुठभेड़ में डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और दुबे फरार हो गया था।

बीते शुक्रवार को पुलिस मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किया था विकास दुबे कानपुर का शातिर अपराधी है और था और उसने थाने में घुसकर भाजपा नेता और राज्य मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी।

एसटीएफ ने विकास दुबे को 31 जुलाई 2017 को लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था और कानपुर पुलिस ने उस पर ₹25000 का इनाम घोषित कर रखा था।

वह कुछ दिन पहले जेल से बाहर आया था। उसमें थाने में घुसकर पुलिसकर्मी समेत कई लोगों की हत्या करने के मामले भी दर्ज थे वे प्रधान और जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका था।