चीन तो एक चींटी है, मोदी ने 25 माह में इतने कारनामे सफलतापूर्वक संपन्न किये हैं

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल 25 महीने का समय पूरा हो चुका है। इस दौरान केंद्र सरकार के द्वारा किए गए कार्यों को लेकर केंद्र की सरकार ने देश भर में 100 स्थानों पर वर्चुअल रैलियां करके जनता तक पहुंचने का प्रयास किया है।

धारा 370 समाप्त

5 अगस्त 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार ने मई में शपथ लेने के बाद ताबड़तोड़ फैसले करने शुरू किये।

सबसे पहले 72 साल से देश के नासूर बन चुकी धारा 370 का खात्मा कर जम्मू एवं कश्मीर राज्य का विघटन किया।

इसके उपरांत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रुप में दो अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए। इसके बाद अब जम्मू कश्मीर में भी वो सब कानून लागू हो गए हैं, जो भारत के अन्य हिस्सों में लगते हैं।

तीन तलाक खत्म

30 जुलाई 2019: मोदी सरकार ने दूसरा फैसला लेते हुए संसद में तीन तलाक कानून बनाया। इसके जरिये मुस्लिम समाज की महिलाओं को तीन तलाक बोलकर प्रत्याड़ना करने वालों को 7 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून को संसद में पहले भी तीन बार रखा जा चुका था, लेकिन पास नहीं हुआ था।

राम मंदिर का फैसला

9 नवंबर 2019: भारत के इतिहास का सबसे लंबा केस मोदी की दूसरी सरकार में खत्म हुआ। राम मंदिर को तोड़कर उसकी जगह बाबर ने मस्जिद बनवाई थी। इसके लिए हिंदुओं ने 551 साल तक केस लड़ा।

मामला आजादी के बाद तूल पकड़ा और यहां पर 1992 के दौरान आरएसएस, विहिप और भाजपा ने संयुक्त रुप से बाबरी मस्जिद को ढहाया था।

यह भी पढ़ें :  अयोध्या की पूरी जमीन रामजन्मभूमि न्यास को: सुप्रीम कोर्ट

अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या की समस्त 67 एकड़ जमीन राम मंदिर की है। कोर्ट ने मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन अयोध्या में ही देने का कहा। इस मामले में मोदी सरकार ने जोरदार पैरवी कर मामला खत्म करने में सफलता पाई।

नागरिकता संशोधन कानून

18 दिसंबर 2019: पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बोद्ध धर्म के मानने वालों को भारत की नागरिता देने के लिए कानून बनाया गया। क्योंकि इन तीन देशों में अक्सर इन 6 धर्म के मानने वालों पर अत्याचार होने की बातें सामने आती रहती हैं।

इस कानून के विरोध में देशभर में कांग्रेस, वामपंथी संगठनों के द्वारा और मुस्लिम संगठनों के द्वारा करीब 400 जगह पर धरना दिया गया, लेकिन सरकार ने पीछे हटने से बिल्कुल इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कानून को लेकर दखलंदाजी से मना कर दिया।

कोरोनावायरस के खिलाफ जंग

24 मार्च 2020: नवंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनवायरस जब पूरी दुनिया में फैला तो भारत ही सबसे पहला देश था, जहां पर 24 मार्च को एकसाथ पूरे देश में लॉक डाउन लगाया।

इसके बाद जब आर्थिक संकट का दौर शुरू हुआ तो मोदी सरकार ने 20.97 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देकर जनता को फिर से राहत देने का काम किया।

चीन की हेकड़ी निकली

15 और 16 जून की मध्यरात्रि को भारत-चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए और चीन के 43 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे।

यह भी पढ़ें :  रामनवमी को राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी!

इसके बाद भारत ने दुनियाभर से समर्थन जुटाने का काम शुरू किया। भारत को ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, इजरायल, जर्मनी, ब्रिटेन समेत कई देशों ने खुलेआम समर्थन दिया। भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने आखिर में चीन के विदेश मंत्री से बात कर चेतावनी दी तो चीन की सारी हेंकड़ी निकल गई।