भारत ने की चीन के मीडिया और चीन से फंडिंग पाने वाले मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

-चीन लगा चुका है भारत के मीडिया और एजेंसियों पर बैन

नई दिल्ली

भारत सरकार के द्वारा चीन के मीडिया और चीन के द्वारा फंडिंग प्राप्त करने वाले भारतीय मीडिया पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली गई है। इससे पहले चीन के द्वारा भारत के मीडिया और भारत के न्यूज़ एजेंसियों पर बैन लगाया जा चुका है।

भारत के द्वारा चीन के 59 मोबाइल एप्लीकेशंस को प्रतिबंधित किए जाने के बाद चीन ने यह कदम उठाया है। चीन के द्वारा एक कदम उठाए जाने के बाद भारत के मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के संगठनों ने भारत सरकार को चीन के तमाम मीडिया संगठनों और चीन के द्वारा फंड प्राप्त करने वाले भारत के मीडिया संस्थानों को भी प्रतिबंधित किए जाने की मांग की है।

सूत्रों की मानें तो भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के द्वारा भारत के पत्रकार संगठनों की मांग पर गहनता से विचार किया गया है और इस तरह के तमाम मीडिया संस्थानों की एक सूची तैयार की गई है, जिन पर पूर्ण प्रतिबंध अथवा आंशिक प्रतिबंध लगाया जाएगा।

भारत सरकार अगर यह कदम उठाती है तो भारत में पत्रकारिता के नाम पर चीन के एजेंट के रूप में काम करने वाले भारत और विदेशी पत्रकारों पर जबरदस्त चोट होगी।

गौरतलब है कि भारत में चीन के द्वारा निवेश किए हुए कई मीडिया संस्थान है जो लगातार देश में देश के खिलाफ हिंदू धर्म के खिलाफ और भारत की तमाम परंपराओं के खिलाफ एक अभियान के तहत खबरें लिखने, झूठे लेख लिखकर प्रसारित करने और देश की छवि को खराब करने का काम करते रहते हैं।

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इस श्रेणी में कई टीवी चैनल, प्रिंट मीडिया और बड़े पैमाने पर डिजिटल मीडिया शामिल हैं, जो लगातार कई वर्षों से चीन के लिए काम कर रहे हैं और भारत की छवि को खराब करने के साथ ही भारत की परंपराओं और सुदृढ़ संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का काम करते रहते हैं।

अगर भारत सरकार इन मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध लगाती है तो इससे न केवल भारत में पत्रकारिता में व्याप्त गंदगी की सफाई होगी, बल्कि इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार भारत की खराब छवि पेश किए जाने पर भी अंकुश लगेगा।