आज भारत-चीन में युद्ध हो तो कौन पड़ेगा भारी? देखिए दोनों देशों के पास कौन-कौनसे कितने हथियार हैं?

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।

भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा पर भारी तनाव है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति जैसे लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। दोनों देशों के द्वारा अपनी-अपनी तैयारी की जा रही है।

चीन के द्वारा भारतीय दूतावास में रह रहे लोगों को निकालने के लिए आदेश दे दिया गया है और भारत सरकार ने भी तीनों सेनाओं को तैनात कर दिया है।

भारत और चीन के बीच इससे पहले भी 1962 में युद्ध हो चुका है। हालांकि उसके 5 साल बाद, यानी 1967 में भारतीय सेना के द्वारा नाथूला दर्रा में चीन के सैनिकों को मार भगाया था, जिसके बाद आज तक वापस नहीं आ पाए।

भारत और चीन के बीच युद्ध होने की बातें कई स्तर पर कही जा रही है। हालांकि बार सरकार का कहना है कि शांति बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच आपको बताते हैं दोनों देशों के पास कितने हथियार हैं? कौन देश है जो भारी पड़ेगा?

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भारत के पास 1325000 की सशस्त्र सेना है। चीन के पास 2250000 के सशस्त्र सेना है। रिजर्व सेना की बात की जाए तो भारत के पास 1155000 सैनिक हैं, जबकि चीन के पास करीब 510000 सैनिक हैं।

इसी तरह से अर्धसैनिक बलों की संख्या में भारत 13 लाख 1,000 हैं और चीन के पास 660000 हैं। यानी इस मामले में भारत के पास चीन से करीब दोगुने सैनिक हैं।

इसी तरह से भारत के पास 568 युद्ध टैंक है जबकि चीन के पास 2800 हैं। लड़ाकू हेलीकॉप्टर की बात की जाए तो भारत के पास 4 अधिक है। 12 के पास 20 हैं, जबकि चीन के पास 16 है।

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इसी तरह से समुद्र में लड़ने के लिए भारत के पास 15 सबमरीन हैं, जबकि चीन के पास 4 गुना अधिक यानी 60 हैं। इसी तरह से चौथी पीढ़ी के सामरिक विमानों की संख्या भारत के पास 280 हैं, जबकि चीन के पास 747 हैं।

लड़ाकू जमीनी विमानों की बात की जाए तो भारत के पास 784 लड़ाकू विमान है, जबकि चीन के पास 1669 हैं। अंतर महाद्वीप बैलेस्टिक मिसाइल की बात की जाए तो चीन के पास 66 हैं, जबकि भारत के पास एक भी नहीं है।

इसी तरह से पूर्व चेतावनी देने वाले नियंत्रण विमानों की बात की जाए तो भारत के पास दो हैं, और चीन के पास 14 है। इसी तरह से आधुनिक बख्तरबंद पैदल सेना की गाड़ियों की संख्या भारत के पास 1105 हैं, जबकि चीन के पास 2390 हैं।

विमान मार्ग जहाज की बात की जाए तो भारत के पास एक है और चीन के पास भी एक ही विध्वंसक पोत भारत के पास 10 हैं, जबकि चीन के पास 13 हैं। इसी तरह से छोटे लड़ाकू जहाज भारत के पास 11 हैं, जबकि चीन के पास 65 हैं।