किसानों के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 11 बिंदुओं में बताया भविष्य का बूस्टर पैकेज, इनको ऐसे समझिए

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।

पिछले 2 महीने में लोग डाउन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 74300 करोड रुपए का भुगतान किया गया। इसी तरह से पीएम किसान योजना में भी 18700 करोड़ का भुगतान किया गया। फसल बीमा योजना के तहत 6400 करोड़ रुपये का पेमेंट किया गया है।

पशुपालन के लिए भी काम किया जा रहा है। लॉक डाउन के दौरान 360 करोड़ लीटर के बजाए 560 करोड़ दूध खरीदा है। इसमें किसानों को 5000 करोड़ का भुगतान किया गया है। 2 करोड़ किसानों को सब्सिडी दी गई है।

कृषि निर्माण के लिए एक लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। बाढ़, बारिश की विपदा को दूर करने के लिए कोल्ड चेन, भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रावधान किया गया है। इससे सहकारिता के माध्यम से नए और पुराने किसानों को लाभ देने का प्रयास किया गया है।

10 हज़ार करोड़ का प्रावधान माइक्रो फ़ूड एंटरप्राइजेज के लिए दिया गया है। इससे 2 लाख यूनिट्स को फायदा होगा, जो अपने ब्रांड का प्रचार, तैयार, रख रखाव आदि के लिए काम कर सकेंगे। इसमें किसानों को सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाने में भी मदद मिलेगी।

लोकल को वोकल बनाने के लिए यह सूक्ष्म खाद्य इकाइयों को लाभ मिलेगा। तकनीकी अपग्रेडेशन होगा।

मत्स्यपालन के 20 हज़ार करोड़

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 20 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। मछुआरों के लिए अंतरदेशीय मत्स्यपालन के लिए 11 हज़ार करोड़ होगा। इसके साथ ही 9000 करोड़ 70 लाख टन अगले 5 साल में बढ़ पायेगा।

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पशुधन बीमारी नियंत्रण के लिए 13343 करोड़

राष्ट्रीय पशुधन बीमारी नियंत्रण योजना के लिए 13343 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे 100% वेक्सिनेशन किया जाएगा। जनवरी से अबतक 1.50 करोड़ गाय, भैंस, भेड़, बकरी आदि का वेक्सिनेशन किया गया है। 53 करोड़ पशुओं को खुरपका, मुंहपका से मुक्ति मिलेगी।

डेयरी के लिए 15000 करोड़

डेयरी सेक्टर के लिए 15000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी प्रोसेस को बढ़ावा दिया जाएगा। पशुपालन विकास निर्माण के लिए 15000 करोड़ दिया जाएगा। मूल्य संवर्धन, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किया गया है।

औषधीय पौधों के लिए 4000 करोड़

औषधीय पौधों के लिए नेशनल मेडिशनल प्लांट बोर्ड के माध्यम से 4000 करोड़ खर्च किया जाएगा। अगले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इससे किसानों को 5000 करोड़ की आय होगी। क्षेत्रीय मंडिया बनाई जाएगी। गंगा किनारे इसकी विशेष मुहिम चलाई जाएगी।

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ अतिरिक्त दिए जाएंगे। इससे 2 लाख मधुमक्खी पालकों को लाभ होगा। शहद को बढ़ावा दिए जाने के लिए मधुमक्खी पालन को भी लोकल से ग्लोबल किया जाएगा।

टॉप टू टोटल के लिए 500 करोड़

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सब्जियों और फल उत्पादन कर्ताओं के लिए 500 करोड़ देने का फैसला किया गया है। टॉप टू टोटल योजना में इसका अगले 6 माह तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाएगा। टमाटर, प्याज़ समेत अन्य फल-सब्जी को भी शामिल किया गया है। इसमें 50% सब्सिडी ट्रांसपोर्टेशन के लिए होगा।

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आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव होगा

एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में संशोधन किया जाएगा, जिससे किसानों को छूट मिल सके। कृषि क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और निवेश बढ़ाने के लिए कानून में बदलाव लिया जा रहा है। यह कानून 1955 का बना हुआ है। इसमें आवश्यक वस्तुओं के लिए जो कानून बनाया गया है, उसमें बदलाव होगा।

इस तरह से एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव किया गया है, वैसे ही किसान की आय में बढ़ोतरी की संभावना के लिए यह बदलाव किया जाएगा। किसान जो अपना उत्पादन कम दाम पर बेचने पर मजबूर था, उस समस्या का समाधान किया जाएगा।

तिलहन, दलहन, आलू समेत इस तरह के उत्पादन में नियमित किया जाएगा। जिससे किसानों को लाभ मिल सके। अगर खुदरा में 100% वृद्धि होती है तो उस समय में कदम उठाए जा सकते हैं। फूड प्रोसेसिंग में विपरीत परिस्थिति में उनके कामकाज पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए ध्यान दिया जाएगा। निर्यात करने वालों पर भी कोई नुकसान नहीं हो।

एग्रीकल्चर मार्केटिंग और रिफॉर्म के लिए कानून लाया जाएगा

एग्रीकल्चर मार्केटिंग और रिफॉर्म्स के लिए किसानों को मार्केट चॉइस दी जाएगी। किसान को बेहतर दाम मिल पाए, उसका अंतरराज्य व्यापार हो, इसके लिए जो कानून व्यवस्था करनी पड़ेगी, वह की जाएगी।

उनके उत्पादन के लिए, उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके लिए यह कदम बढ़ाया गया है।

जिस तरह आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिए कानून में संशोधन किया जा रहा है, वैसे ही यह कानून भी किसानों की अवधि के लिए कारगर साबित होगा।

किसान आय की गारंटी के लिए अलग कानून बनाया जाएगा

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कृषि उत्पाद के मूल्य और उसकी गुणवत्ता की गारंटी के लिए कार्य किया जाएगा। खेती, आय संबंधित सभी चीजें लीगल फ्रेमवर्क में तैयार करने का कार्य किया जाएगा।

किसान का उत्पीड़न ना हो इस दिशा में कदम उठाया जाएगा, भोले भाले और मेहनती किसान का उत्पीड़न नहीं हो, इसके लिए जोखिम रहित एक कानून बनाया जाएगा, जिससे उसकी निश्चित आय रहे, आय के साधन बने।

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है

एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना मोदी सरकार की प्राथमिकता है और इस 20 लाख करोड़ गरबे के प्रावधान में भी इस बात पर पूरा ध्यान दिया गया है कि जो राहत है वह सीधे लाभार्थी के खाते में जाए।

5 ट्रिलियन इकोनॉमी के बजाए अभी इस विपदा से निपटने पर जोर है

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 5 ट्रिलियन इकोनॉमी के मोदी सरकार के उद्देश्य के बजाए अभी धवस्त हो चुकी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ध्यान दिया जा रहा है।