गिलगिट—बाल्टिस्तान पर भारत हूंकार से भड़का चीन, अमेरिका से युद्ध ले रहा है मोल!

गिलगिट—बाल्टिस्तान पर भारत हूंकार से भड़का चीन, अमेरिका से युद्ध ले रहा है मोल!

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।
पांच दिन पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारत के द्वारा गिलगिट—बाल्टिस्तान को लेकर पाक को दो टूक कहने का दर्द चीन को हुआ है। चीन ने इसके बाद एक कायराना हरकत कर न केवल भारत को, ​बल्कि अमेरिका को गुस्सा दिला दिया है।

चीन के द्वारा सिक्किम के नाथूला दर्रा में भारत की सेना के साथ दो दो हाथ करने की हिम्मत की, जिसके बाद भारत की सेना ने भी करारा जवाब दिया। भारत और चीन की तरफ से इस घटना में 8 सैनिकों के घायल होने की जानकारी है।

दरअसल, गि​लगिट—बाल्टिस्तान से पहले भारत ने पीओके को भी अपना बता चुका है। जिस पीओके को भारत अपना बता रहा है, उसके बीचों बीच से चीन की बहुउद्देशीय योजना, सीपीईसी गुजर रही है।

यह योजना न केवल चीन को, बल्कि रसिया जैसे देशों को भी फायदा पहुंचाएगी। यही कारण है कि भारत का परंपरागत मित्र कहा जाने वाला रूस भी सीपीईसी की आपत्ति के बाद भी भारत के साथ न होकर चीन के साथ खड़ा है।

अब चीन के साथ दोहरा संकट खड़ा हो गया है। एक तो उसने पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर पैसा निवेश कर दिया है। जिसके चलते वह पीछे हटने की स्थि​ति में नहीं है। दूसरा उसकी सीपीईसी परियोजना पीओके और गिलगिट—बाल्टिस्तान से होकर गुजर रही है।

जैसा कि भारत सरकार कई बार कह चुकी है कि पीओके और गिलगिट—बाल्टिस्तान को पाक खाली कर उसे भारत के हवाले कर दे। अगर ऐसा होता है तो चीन की परियोजना धरी ही रह जाएगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम यह परियोजना चीन को मुंह की खाने को मजबूर कर देगी।

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ऐसे में यदि चीन नाथूला दर्रा में हरकत नहीं करता है तो उसकी फजीती होती है। इससे बचने और भारत का ध्यान भटकाने के लिए वह इस तरह की उल्टी सीधी हरकतें करता रहता है।

भारत की सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि यदि पाकिस्तान ने पीओके और गि​लगिट—बाल्टिस्तान खाली नहीं किया गया तो उसके भयानक परिणाम भुगतने होंगे। आपको बता दें कि पीओके के अलावा अकेले गिलगिट—बाल्टिस्तान ही 69000 वग किलोमीटर के हैं।

यह दोनों क्षेत्र यदि भारत ने पाकिस्तान से वापस लेने में कामयाबी हासिल की, तो चीन का सपना हमेशा सपना ही रह जाएगा। ऐसे में वह सिक्किम में कायराना हरकतें करता है।

इधर, भारत को मित्र राष्टों की सूची में डालने का आतुर अमेरिका भी चाहता है कि भारत को गिलगिट—बाल्टिस्तान मिल जाएं, ताकि वह इस अति महत्व वाले सामरिक भूभाग पर अपना बेस बना सके।

कोरोना वायरस की महामारी का आरोप झेल रहा चीन अभी दुनिया के कई देशों के निशाने पर है। ऐसे में यदि भारत ने अपना पीओके और गिलगिट—बाल्टिस्तान वापस लिया तो अमेरिका निश्चित तौर पर भारत के साथ खड़ा होगा और इससे चीन का पलड़ा कमजोर होगा ही।