मरकज ही है दोषी! आंकड़ों की जुबानी देखिए कोरोनावायरस के भारत में फैलने की कहानी—

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नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।
कोरोनावायरस अब भारत में चीन को पछाड़ता हुआ नजर आ रहा है। 31 मार्च को जब दिल्ली के तबलीगी जमात के मरकज से निकले लोगों के फैलाव का खुलासा हुआ था, उस दिन तक भारत में कोरोना का कहर इतना नहीं था, किंतु उसके बाद यह वायरस जैसे युद्ध स्तर पर भारत को अपनी जकड़ में लेता जा रहा है।

आज की तारीख की बात की जाए तो भारत में करीब 60 हजार रोगी हो चुके हैं, जबकि इस दौरान 1990 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में अब तक 17956 लोग ठीक भी हो चुके हैं।

किंतु सोचनीय बात है कि मरकज के बाद जिस तरह से कोरोना ने भारत में कहर बरपाया है, वह वाकई में चिंतनीय विषय है। इसके उपर मरकज और उसकी विचारधारा से निकले लोगों के उपर हमला करना, थूंकना और मारपीट करने की घटनाओं ने भारत के सामने समस्या खड़ी कर दी है।

एक अप्रैल को केवल 1998, आज 60 हजार

31 मार्च को मरकज का मामला खुला। उसके अगले दिन, यानी 1 अप्रैल तक भारत में केवल 1998 लोग ही कोरोना पॉजिटिव थे। उसके बाद आज की तारीख में 60 हजार लोग पॉजिटिव हैं। विभिन्न जांच में सामने आ चुका है कि मरकज के कारण देश में 30 से 40 फीसदी तक मामले बढ़े हैं।

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32 से 1990 हो गए मृतक

30 मार्च के दिन भारत में महज 32 मृतक थे, जो आज की तारीख में 1990 हो चुके हैं। यानी ग्राफ को भी देखा जाए तो मरकज के खुलासे के बाद अचानक से आसमान की तरफ जा रहा है।

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रिकवरी रेट बढ़ रही है, मौतों का आंकड़ा गिर रहा है।

ग्राफ को देखा जाए तो 10 मार्च के बाद मृतक संख्या कम ज्यादा होते हुए कम से कम हो रही है, जबकि रिकवरी दर अब पहले से बेहतर हो रही है। मतलब साफ है कि रिकवरी होने की दर भारत में बहुत बेहतर है।

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इम्युनिटी बढ़ाने में है सरकार का ध्यान

हालांकि, इजराइल, इटली जैसे देशों ने वैक्सीन बनाने का दावा किया है, लेकिन भारत सरकार का पूरा ध्यान उससे पहले लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने पर है। सरकार चाहती है कि इस वैक्सीन के बजाए आयुर्वेदिक तरीके से लोगों को हमेशा के लिए कोरोना मुक्त किया जाए।

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ब्रिटेन भी आयुर्वेद अपना रहा है

भारत ही नहीं, अपितु यूएस भी आयुर्वेद को अपना रहा है। वहां की रानी और प्रधानमंत्री के भी आयुर्वेद के द्वारा ठीक होने की खबरों के बाद पूरी दुनिया आयुर्वेद की तरफ ध्यान दे रही है। भारत के कई राज्यों की सरकारों ने आयुर्वेद को अपना लिया है।