चीन को भारत-अमेरिका का दोहरा झटका: 1000 अमेरिकी कंपनियों को भारत लाने की तैयारी, ज़मीनें भी होने लगी चिन्हित

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।

कोविड-19 की वैश्विक महामारी के लिए अमेरिका चीन को दोषी ठहरा रहा है। भारत भी दूसरे शब्दों में लगभग यही बात कह रहा है।

एक और मजेदार बात यह है कि अमेरिका के मित्र राष्ट्रों की सूची में भारत में स्थान बनाने की ओर अग्रसर हो गया है।

अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी जैसे देशों के साथ इस्राएल और जापान भी चीन की घेराबंदी में लगे हुए हैं।

चीन में काम कर रही है अमेरिका की 1000 कंपनियां भारत आने को तैयार

इस बीच एक जानकारी सामने आई है जो भारत के लिए खुशखबरी हो सकती है, जबकि चीन के लिए आने वाले समय में भारी नुकसान का सौदा होना तय है।

बताया जा रहा है कि चीन में काम कर रही अमेरिका के करीब 1000 से ज्यादा कंपनियां भारत में कारोबार जमाने के लिए तैयार हो गई हैं।

भारत और अमेरिका सरकार के बीच हो चुका है सौदा!

भारत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस मामले को लेकर कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच ही बातचीत कर सौदा तय हो चुका है।

कहा तो यहां तक जा रहा है कि चीन को सबक सिखाने के लिए अमेरिका ने अब भारत, इजरायल और जापान जैसे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बढ़ाकर भविष्य में काम करने का फैसला कर लिया है।

सूत्रों की मानें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की चीन में काम कर रही कंपनियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दे दिया है कि वहां से अपना कारोबार समेट कर दूसरे देशों में कारोबार स्थापित करने के बारे में सोचें, जिसमें भारत प्रमुख है।

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कई राज्यों में जमीन चिन्हित की जा चुकी है

इस बीच में जानकारी में आया है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार के कई इलाकों में चीन की रणनीति के खिलाफ वहां से अपना कारोबार समेट कर भारत में आने की तैयारी कर रही कंपनियों के लिए भारत सरकार ने जमीन भी चिन्हित कर दी है।

विकास की गति पर दौड़ेगा भारत, रोजगार बढ़ेंगे

अगर चीन में काम कर रही अमेरिका की कंपनियां भारत में अपना कारोबार जमाती हैं, तो यहां पर विकास को गति मिलेगी और इसके साथ ही बड़े पैमाने पर उपलब्ध मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा। बताया जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले को लेकर काफी सक्रिय हैं।