आज से भारत सरकार का वंदे भारत मिशन और सेतु समुद्र शुरू

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।

करोड़ों श्रमिकों को उनके राज्य और उनके घर पहुंचाने के लिए भारतीय रेल मंत्रालय जुड़ा हुआ है। इसको लेकर भारत सरकार श्रमिकों का 85% किराया दे रही है जबकि 15% किराया संबंधित राज्य सरकारों पर डाला गया है।

भारत सरकार का मानना है कि श्रमिकों और प्रवासी राज्यों के लोगों को अपने घर पर जाने का हक है और इसी के तहत स्पेशल ट्रेन चलाई गई है, ताकि लोगों को अपने घर पहुंचाया जा सके।

इसी क्रम में भारत सरकार ने विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों और प्रवासी श्रमिकों को वापस भारत लाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

भारत सरकार ने आज इस योजना के तहत वंदे भारत मिशन और सेतु समुद्र के माध्यम से विदेश में रह रहे भारतीयों को वापस लाने की 7 दिन की कार्य योजना को अमल में ले लिया है।

बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत वापस भारत आने के लिए आतुर करीब 12 लाख विदेशी भारतीय लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। भारत सरकार वंदे भारत मिशन के तहत 56 फ्लाइट चलाएगी, जो विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का काम करेगी।

इस योजना के तहत पहली बार में करीब 15000 भारतीयों को विदेश से भारत लाया जाएगा। इसी तरह से दूसरे दिन भी फ्लाइट से चालू रहेगी और इस मिशन के तहत अधिकांश भारतीयों को भारत लाने का काम किया जाएगा।

भारतीय वायु सेना के अलावा भारतीय थल सेना के बेड़े ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। इंडोनेशिया और मलेशिया में रह रहे करीब 1000 भारतीयों को समुद्र मार्ग से वापस अपने घर पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया गया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने यह फैसला लेते हुए सभी विदेश में फंसे भारतीयों से ₹12000 से लेकर ₹100000 तक के किराए के साथ उनको वापस बुलाने की योजना शुरू की है। किसी भी योग्य विदेशी को फ्री में वापस नहीं लाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का कहना है कि सऊदी अरब, अमेरिका, यूएसए, यूनान, खाड़ी देशों के अलावा दूसरे देशों में जहां रोजगार के लिए और अध्ययन के लिए छात्र गए हुए हैं, उनको वापस लाने के लिए यह 7 दिन की विशेष योजना शुरू की गई है।