डॉक्टरों से बदतमीजी पड़ेगी भारी, 7 साल की सजा और 5 लाख का होगा जुर्माना, अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

नेशनल दुनिया

इतना वैश्विक महामारी को रोना के खिलाफ जंग लड़ रहे चिकित्सा कर्मियों के लिए केंद्र सरकार ने 123 साल पुराने कानून को बदलने के लिए मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक कर नया अध्यादेश लागू कर दिया।

केंद्र सरकार ने नए कानून के तहत चिकित्सा कर्मियों के साथ बदतमीजी करने, मारपीट करने थूंकने या उनके साथ अभद्र व्यवहार करने पर कम से कम 6 महीने और अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान किया है। इसके साथ ही आरोपी को एक से ₹500000 का जुर्माना भी देना होगा।

कैबिनेट ने 1897 के महामारी रोग अधिनियम में बदलाव करते हुए यह नया अध्यादेश जारी किया है। इस अध्यादेश के बाद देशभर में वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए नया सुरक्षा कवच मिल गया है।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के खिलाफ मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, उनका उपचार कर रहे हैं और स्क्रीनिंग कर रहे डॉक्टरों, नर्सिंगकर्मियों और अन्य चिकित्सा कर्मियों के साथ कई मरीजों के द्वारा बदतमीजी करने, उन पर थूकने उनके खिलाफ पत्थरबाजी करने और मारपीट करने की घटनाएं सामने आई हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुरादाबाद, मध्यप्रदेश के इंदौर, दिल्ली राजस्थान के टोंक, जयपुर, जोधपुर समेत कई जगह पर तबलीगी जमात के कोविड-19 से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों के द्वारा मारपीट करने और बदतमीजी करने की घटनाएं सामने आई हैं।

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