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मंगलवार, जनवरी 12, 2021

महामारियों से विश्व में 41 करोड़ की हो चुकी है मौत, पढ़िये आंकड़ों की जुबानी

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नेशनल दुनिया डेस्क

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से मरने वालों की तादात अब 1 लाख आगे निकल चुकी है। दुनिया ने जब से कलेंडर बनाकर तारीखों का हिसाब रखा है, मतलब सन 0 से लेकर अब तक, इन 2021 वर्षों में 20 महामारियों में करीब 41 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है।

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कोरोनावायरस जैसी 17 महामारियों से मौतें 1 लाख के अधिक हो चुकी है। दुनिया में पहली बार सन 165 में पहली बड़ी महामारी आई थी। तक समय एन्टोनाइन प्लेग महामारी ने एशिया, मिस्र, यूनान (ग्रीस) और इटली में करीब 50 लाख लोगों को मौत की नींद सुला दिया था।

इसके बाद 541-542 में जस्टिनियन प्लेग ने एशिया, उत्तरी अफ्रीका, अरेबिया और यूरोप में दूसरी महामारी आई। इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर पूर्वी रोमन साम्राज्य बाइजेंटाइन में फैला। उस महामारी से दुनिया में करीब 5 करोड़ लोगों की जान चली गई थी।

उस समय दुनिया की कुल आबादी खत्म हो गई थी। केवल एक साल के भीतर ही विश्व की आधी से अधिक आबादी खत्म हो गई थी। उस खतरनाक बीमारी से बाइजेंटाइन साम्राज्य पूरा समाप्त हो गया था।

उसके बाद साल 1347 से 1351 के बीच एक बार फिर प्लेग फैला। इसको ‘द ब्लैक डेथ’ नाम दिया गया। इस प्लेग का सबसे ज्यादा कुप्रभाव यूरोप और एशिया में था। प्लेग चीन से शुरू हुआ था। तब कारोबार समुद्री रास्तों से होता था।

समुद्री जहाजों पर चूहे भी खूब रहते थे। चूहों से मक्खियों में होते हुए बीमारी जनता में फैलती गई। कहा जाता है कि बीमारी से केवल यूरोप में इतनी मौतें हुई कि साल 1347 से पहले की आबादी तक पहुंचने में 200 साल लग गए।

साल 1492 में यूरोप के लोग अमेरिका पहुंचे। उनके अमेरिका जाते ही स्मॉलपॉक्स, यानी चेचक का संक्रमण फैला। चेचक इतनी खतरनाक बीमारी थी कि संक्रमित लोगों में 30 फीसदी की जान चली गई। तक चेचक से लगभग 2 करोड़ लोगों की मौत हुई थी, जो अमेरिका की कुल जनसंख्या का करीब 90% हिस्सा था।

इससे यूरोप के लोगों को अमेरिका में खाली जगह मिल गई। उन्होंने कॉलोनियां बसाई। दुनिया में चेचक अभी भी फैल रही है। एक अनुमान के अनुसार चेचक से दुनिया में अबतक 5.5 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके बाद 19वीं सदी में भी ऐसी बीमारी भी आई, जो भारत से जन्मी थी। इस बीमारी कॉलरा, यानी हैजा था। यह महामारी गंगा नदी के डेल्टा के जरिए एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में भी फैली। गंदा पानी पीना इस बीमारी का मुख्य कारण बताया गया था। हैजा से त​ब 10 लाख से ज्यादा लोग मरे थे। डब्ल्यूएचओ के अनुसार हैजा से आज भी प्रतिवर्ष 13 लाख से 40 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

हैजा के बाद साल 1918-19 में स्पैनिश फ्लू का कहर बरपा। इस महाकारी ने 500 साल रिकॉर्ड तोड़ दिया। ऐसा माना जाता है कि स्पेन से यह बीमारी फैली थी।

एक मोटे अनुमान के अनुसार स्पैनिश फ्लू से दुनिया में 50 करोड़ लोग संक्रमित हुए और इससे 5 करोड़ मौतें हुईं। भारत में भी तब करीब 2 करोड़ से ज्यादा लोग मारे गए थे।

महामारी में ठीक होने के उम्मीद केवल 10 से 20 प्रतिशत थे। इस फ्लू से सर्वाधिक मौतें 20 से 40 साल की उम्र के लोगों की हुई थी। जो स्वस्थ थे, उनकी मौतें हो रही थीं।

स्पैनिश फ्लू के बाद कोरोना चौथा सबसे खतरनाक फ्लू

एशियन फ्लू या एच2एन2 वायरस
साल : 1957-58
मौतें : 11 लाख
एशियन फ्लू फरवरी 1957 में हॉन्गकॉन्ग शहर से शुरू हुई थी। यह बीमारी पूर्वी एशिया से निकली थी, इसलिए इसको एशियन फ्लू भी कहा गया। यह बीमारी कुछ ही महीनों में दुनियाभर के कई देशों में फैल गई।

हॉन्गकॉन्ग फ्लू या एच3एन2 वायरस
साल : 1968-70
मौतें : 10 लाख
पहली बार यह बीमारी सितंबर 1968 में अमेरिका में रिपोर्ट की गई थी। वायरस से मरने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 65 साल से ज्यादा थी। इसकी चपेट में ज्यादातर वही लोग आए थे, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारी थी।

स्वाइन फ्लू या एच1एन1 वायरस
साल : 2009
मौतें : 5.5 लाख+
स्वाइन फ्लू को सबसे पहले अमेरिका में रिपोर्ट किया गया था। थोड़े समय में ही यह बीमारी दुनियाभर में फैल गई। इस रोग से मरने वाले 80 फीसदी लोग ऐसे थे, जो 65 साल से अधिक उम्र के थे।

4) कोरोनावायरस या कोविड-19
साल : 2019
मौतें : 1 लाख+
कोरोनावायरस अथवा कोविड-19 की उत्पत्ति चीन के हुबई प्रांत स्थित वुहान शहर से हुई है। 8 दिसंबर 2019 को सबसे पहला संक्रमित मरीज मिला था। 13 मार्च 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस को वैश्विक महामारी घोषित किया। कोरोनावायरस से अब तक दुनिया के 200 देशों में 1 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

बीते 2000 साल में फैलीं 20 बड़ी महामारियां, इनमें 41 करोड़ से ज्यादा जानें गईं

बीमारी                        टाइम पीरियड             मौतें
एन्टोनाइन प्लेग,            165-180          50 लाख
जापानी स्मॉलपॉक्स,     735-737        10 लाख
जस्टिनियन प्लेग,         541-542    5 करोड़
ब्लैक डेथ,           1347-1351      20 करोड़
स्मॉलपॉक्स,      1492 से अभी तक           5.6 करोड़
इटैलियन प्लेग,          1629-1631       10 लाख
ग्रेट प्लेग ऑफ लंदन,     1665           1 लाख
यलो फीवर,         1790 से अभी तक      1.50 लाख+
कोलरा,          1817 से अभी तक          10 लाख+
थर्ड प्लेग,          1885                 1.20 करोड़
रशियन फ्लू,     1889-1890            10 लाख
स्पैनिश फ्लू,       1918-1919          5 करोड़
एशियन फ्लू,     1957-1958             11 लाख
हॉन्गकॉन्ग फ्लू,  1968-1970           10 लाख
एचआईवी एड्स,   1981 से अभी तक      3.5 करोड़+
स्वाइन फ्लू,         2009-10             5.5 लाख+
सार्स,              2002-2003               770
इबोला,              2014-16              11 हजार
मर्स,              2015 से अभी तक            850
कोविड-19,         2019 से अभी तक        1 लाख+

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Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिआ संपादक .

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