33 C
Jaipur
रविवार, जुलाई 5, 2020

बिहार : मधुबनी के क्वोरंटीन केंद्रों पर न सेनिटाइजर, न स्क्रीनिंग की व्यवस्था

- Advertisement -
- Advertisement -

पटना, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में कोरोनावायरस के संदिग्ध मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु से सामने आ रहे हैं। अन्य राज्यों की तुलना में बिहार की स्थिति अभी नियंत्रण में है। राज्य में हालात न बिगड़े, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कई एहतियाती कदम उठाए जाने का दावा किया जा रहा है।
इसी कड़ी में राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से बिहार लौटे लोगों की फिर से स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है।

22 मार्च के बाद तकरीबन 1.8 लाख लोग अन्य राज्यों से बिहार लौटे हैं, जिन्हें राज्य की सीमाओं पर और गांवों के बाहर हर प्रखंड में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है। मुख्य सचिव दीपक कुमार के मुताबिक 22 मार्च से स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू है।

लेकिन बिहार सरकार के दावों के उलट क्वारंटीन सेंटरों की स्थिति उलट है। राज्यों के क्वारंटीन सेंटरों की स्थिति बदतर है। न तो यहां रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, और न ही कवारंटीन के नियम पर अमल किया जा रहा है।

मधुबनी जिले का कुछ ऐसा ही हाल है। यहां के हरलाखी प्रखंड क्षेत्र में कोरोना महामारी को रोकने के लिए अन्य राज्यों एवं विदेशों से आए बाहरी लोगों के लिए क्वारंटीन सेंटर चल रहे हैं। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ठहरे परदेशियों को किसी प्रकार की कोई जांच सुविधा नही दी गई है।

हरलाखी प्रखंड के विद्यालय करुणा के क्वारंटीन सेंटर में देश-विदेश से आए 18 लोगों को 14 दिनों कि लिए रखा गया है। लेकिन सिर्फ छह लोग ही यहां मौजूद हैं। बाकी 12 लोग अपने-अपने घरो को चले गए हैं। इस क्वारंटीन सेंटर पर न तो कोई थाने का चौकीदार है और न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यहां न तो सेनिटाइजर दिया गया है और न ही स्क्रीनिंग की गई है।

प्रखंड के जिस स्कूल को कवारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है, वहां के प्रधानाचार्य फिरोज अहमद कहते हैं, यहां 18 लोगों को रखा गया था, लेकिन सिर्फ 6 लोग ही यहां हैं। बाकी के 12 लोग अपने-अपने घरों में अक्सर रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

कवारंटीन में रखे गए मनोज कहते हैं कि हम लोगों को भ्रम में रखा गया है। पदाधिकारी आते तो जरूर हैं, लेकिन सिर्फ पूछताछ कर, मोबाइल से सेल्फी लेकर निकल जाते हैं।

जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर किशोर चन्द्र चौधरी ने कहा, जिले में तीन अस्पतालों और दो होटल को क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है। जांच के लिए सिर्फ इन्फ्रा रेड थर्मामीटर है। संभव ही नहीं है कि एक इंफ्रारेड थर्मामीटर से सब लोगों की स्क्रीनिंग की जाए। आइसोलेशन वार्ड में और व्यवस्था करना प्रशासन का काम है।

–आईएएनएस

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर लाइक और Twitter, YouTubeपर फॉलो करें.

- Advertisement -
बिहार : मधुबनी के क्वोरंटीन केंद्रों पर न सेनिटाइजर, न स्क्रीनिंग की व्यवस्था 2
Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिआ संपादक .

Latest news

लेवरकुसेन को हराकर बायर्न म्यूनिख ने जीता जर्मन कप

बर्लिन, 5 जुलाई (आईएएनएस)। जर्मन क्लब के मौजूदा चैंपियन बायर्न म्यूनिख ने बेयर लेवरकुसेन को हराकर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया। बायर्न...
- Advertisement -

देश में कोरोना मामले 6.7 लाख के पार

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। देश ने कोरोना के एक-दिवसीय मामलों का रविवार को नया रिकॉर्ड दर्ज किया। रविवार को 24,850 नए मामले सामने...

48 घंटे के बाद भी फरार विकास दुबे नहीं लगा पुलिस के हाथ (आईएएनएस स्पेशल)

लखनऊ, 5 जुलाई (आईएएनएस)। कानपुर में घात लगाकर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद गैंगस्टर विकास दुबे को लापता हुए 48 घंटे से...

मप्र में प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

भोपाल 5 जुलाई (आईएएनएस)। रामेश्वर शर्मा को मध्य प्रदेश विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। शर्मा की नियुक्ति पर कांग्रेस ने सवाल उठाए...

Related news

3 माह से वेतन नहीं, सैंकड़ों कर्मचारियों की कोरोनाकाल में भूखे मरने की नौबत आई

-वेतन नहीं मिला तो कर्मचारी पहुंचे न्यायालय की शरणजयपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी काम कर रहे...

थानाधिकारी सुसाइड मामले में आरोपित की गईं राजस्थान के एक विधायक को मुख्यमंत्री से भी बड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है

जयपुर पिछले दिनों चूरू में सादुलपुर थाना अधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई के सुसाइड मामले में विपक्षियों द्वारा जिस विधायक...

वसुंधरा से दूरियां, डॉ. सतीश पूनियां से नजदीकियां, आखिर क्या मंत्र है राठौड़ का?

जयपुर।राजस्थान विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष और पिछली वसुंधरा राजे सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे चूरू के विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़...

रचनात्मक सहयोग कैसे किया जाता है, यह राजस्थान भाजपा टीम ने साबित किया है: PM नरेन्द्र मोदी

-जनता के सुख-दुःख में कंधे से कंधा मिलाकर कैसे खड़ा रहा जाता है, यह राजस्थान भाजपा ने कर दिखाया है: पीएम मोदी-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी...
- Advertisement -