पाकिस्तान में कोहराम: इमरान खान सरकार नहीं, फौज ही कर रही है लॉक डाउन

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के चलते पाकिस्तान में मरीजों की संख्या 15 सौ से अधिक हो चुकी है, जबकि यह आंकड़ा दो हजार के करीब पहुंचने में कुछ ही अंक कम रहे हैं। इस बीच इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान में आए दिन नियमों में बदलाव करके वहां की आवाम को बुरी तरह से दुखी कर दिया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार को फौज ने जुम्मेरात को आखिरी बार चेतावनी देने के बाद पूरा प्रशासन अपने हाथ में ले लिया है और देश में संपूर्ण लॉक डाउन के लिए तैयारी करने की और है।

कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा पीड़ित मरीज सिंध, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा से आ रहे हैं। इस मामले में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से काफी कम मरीज सामने आए। बताया जा रहा है कि इसका कारण संसाधन नहीं होना है, जबकि मरीजों की संख्या वहां पर भी बड़े पैमाने पर है।

जिस तरह से पाकिस्तान की हुकूमत लोगों पर जुल्म करती है। अब कोरोना वायरस को लेकर ईरान और अफगानिस्तान से आने वाले यात्रियों को लेकर भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बेहद डरावने नजर आ रहे हैं।

इमरान खान ने 4 दिन पहले ही कहा था कि पाकिस्तान में चाहे कोरोना वायरस का कितना भी प्रकोप हो जाए, लेकिन देश में भारत की तरह या ने किसी राष्ट्र की तरह लॉक डाउनलोड किया जा सकता, अगर ऐसा करते हैं तो हमारे यहां पर जनता भूख से मर जाएगी।

पाकिस्तान की जनता अपने हुक्मरान इमरान खान से सवाल करने लगी है, आखिर अगर टेस्ट करने की भी सुविधा नहीं थी, लोगों को कुछ महीने खिलाने के भी पैसे नहीं थे तो 2 साल तक सरकार क्या कर रही थी।

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यह पाकिस्तान का हमेशा मिजाज रहा है चाहे युद्ध काल में हो या महामारी के वक्त हमेशा ही पाकिस्तान के हुक्मरान हाथ खड़े कर देते हैं। जबकि पूरे पाकिस्तान का प्रशासन फौज अपने हाथ में ले लेती है और फिर लोगों पर जुल्म करती है।

भारत के साथ हमेशा दो-दो हाथ करने और युद्ध में परास्त करने की धमकी देने वाला पाकिस्तान आज अपने लोगों को दो वक्त का खाना नहीं दे पा रहे। जिसके चलते पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। लोग कोरोना वायरस से उतने नहीं डरे हुए हैं, जितना हम भूख से मरने का डर सता रहा है।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भी पाकिस्तान में कोई इंतजाम नहीं थे और मस्जिदों में सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए और शुक्रवार की नमाज अदा की। इसके 4 घंटे बाद पाकिस्तान की सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन यह प्रतिबंध फौज के द्वारा लगाया गया था।