चीन ने ही फैलाया है कोरोना वायरस, क्या यह सच आप जानते हैं?

नई दिल्ली

कोरोना वायरस वैसे तो चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ था और वहां पर अब शांति स्थापित हो चुकी है। रोजाना एक या दो परसेंट से ज्यादा नए सामने नहीं आ रहे हैं और अब चीन ने अपने उद्योगों को फिर से संचालित कर दिया है।

कोरोना वायरस का कहर अब पूरे यूरोप, अमेरिका, भारतीय उपमहाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया तक फैल गया है। वर्तमान में सबसे ज्यादा प्रभावित इटली, स्पेन, ईरान और अमेरिका एक ही है।

वैसे तो अमेरिका पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस चीन के द्वारा पैदा किया हुआ वायरस बता रहा है, लेकिन जब से चीन में कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाया गया है, तब से चीन वापस अमेरिका, इटली और स्पेन जैसे देशों पर आक्रामक हो गया है।

अमेरिका के अलावा दुनिया के कई और देश ऐसे हैं जो कोरोनावायरस को लेकर चीन पर हमलावर हैं। भारत की तरफ से भी कोरोनावायरस को चीनी वायरस कहकर बताया जा रहा है, जिस पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है।

ऐसे समय में कई मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया है कि कोरोना वायरस वास्तव में चीन की ही उपज है, क्योंकि चीन के वुहान शहर को छोड़कर उसके अन्य किसी भी शहर में वायरस का कहर नहीं है, जबकि वहां से हजारों किलोमीटर दूर इटली, अमेरिका, स्पेन, ईरान और भारत में पुराना वायरस पहुंच चुका है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अलावा स्पेन के द्वारा कोरोनावायरस पर नियंत्रण पाने के लिए चीन से 432 मिलीयन यूरो के मेडिकल इक्विपमेंट्स खरीदने के लिए ऑर्डर दिए गए हैं।

दूसरी तरफ चीन ने कोरोनावायरस के घातक प्रभावों से निपटने के लिए भारत सरकार को सहायता करने के लिए ऑफर किया है। जबकि अभी तक भी दुनिया में ऐसी कोई दवाई नहीं बनी है जो कोरोनावायरस पर रोक लगा सके। ऐसे में चीन के ऑफर पर शंका जाहिर हो रही है।

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इस बीच कई विभिन्न मीडिया संस्थानों के द्वारा कोरोनावायरस चीन के द्वारा पैदा किया हुआ जैविक हथियार बताया जा रहा है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखिए क्या है दावा-

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कोरोना वायरस के पीछे चीनी FUNDA
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दुनिया पर हावी होने का तरीका ??

चीनी रणनीति:-सबसे पहले एक वायरस और उसकी दवा बनाई।

फिर वायरस फैलाया।

-अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए रातों- रात अस्पतालों का निर्माण करवा लिया (आखिरकार वे पहले से ही तैयार थे) परियोजनाओं के साथ साथ उपकरण का आदेश देना, श्रम, पानी और सीवेज नेटवर्क को किराए पर लेना, पूर्वनिर्मित निर्माण सामग्री और एक प्रभावशाली मात्रा में स्टॉक.. यह सब उस रणनीति का हिस्सा थे।

-परिणामस्वरूप दुनिया में वायरस के साथ साथ अराजकता फैलने लगी, खास कर के यूरोप में। दर्जनों देशों की अर्थव्यवस्था त्वरित रूप से प्रभावित हुई।

-अन्य देशों के कारखानों में उत्पादन लाइनें बंद हो गई। फलस्वरूप शेयर बाजार में ज़बरदस्त गिरावट।

-चीन ने अपने देश में महामारी को जल्दी से नियंत्रित कर लिया। रातों रात वुहान से कोरोना के नए मरीज मिलना बन्द ही हो गए। यह कैसे सम्भव है जबकि इटली जैसा देश इस स्थिति को नहीं सम्भाल पर रहा है। आखिरकार, चीन पहले से ही तैयार था।

-परिणाम स्वरूप उन वस्तुओं की कीमत कम हो गई, जिनसे वह बड़े पैमाने पर तेल आदि खरीदता हैं।

-फिर चीन तुरन्त ही उत्पादन करने के लिए वापस जुट गया, जबकि दुनिया एक ठहराव पर है। जहां एक ओर दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं चीन ने अपनी फैक्ट्रियों में काम शुरू करवा दिया है?

चीन उन चीजों को खरीदने लगा जिनकी कीमत में भारी गिरावट हो गई थी और उनको बेचने लगा जिनकी कीमत में ज़बरदस्त इजाफा हुआ है।

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अब यदि विश्वास ना हो रहा हो तो…
1999 में, चीनी उपनिवेशों किआओ लियांग और वांग जियांगसुई के द्वारा लिखी गई पुस्तक, “अप्रतिबंधित युद्ध: अमेरिका को नष्ट करने के लिए चीन का मास्टर प्लान” को पढ़ लें!! ये सब तथ्य वहाँ मौजूद है।

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ज़रा इस बारे में सोचिए…

कैसे रूस और उत्तर कोरिया कोविड 19 याने कोरोना से पूरी तरह से मुक्त हैं? क्योंकि वे चीन के कट्टर सहयोगी हैं।

इन 2 देशों से एक भी मामले की सूचना नहीं मिली। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया / यूनाइटेड किंगडम / इटली / स्पेन और एशिया गंभीर रूप से प्रभावित हैं। क्योंकि ये सब चीन के प्रतिस्पर्धी है..

कैसे हुआ वुहान अचानक घातक वायरस से मुक्त?

चीन यह कहेगा कि उनके प्रारंभिक उपाय बहुत कठोर थे और वुहान को अन्य क्षेत्रों में फैलाने के लिए बंद याने लोकडाउन कर दिया गया था। परन्तु ये जवाब बड़ा ही मजाकिया है..

ऐसा होता तो बाकी के देशों में भी यह इतना नहीं फैलता और एक शहर तक ही सीमित रहता। यह 100% सत्य है कि वे वायरस के एंटी डोड का उपयोग कर रहे हैं।

बीजिंग में कोई क्यों नहीं मारा गया? केवल वुहान ही क्यों? दिलचस्प विचार है ये …खैर, वुहान अब व्यापार के लिए खुल गया है।

अमेरिका और उपर्युक्त सभी देश आर्थिक रूप से तबाह हैं। जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन की योजना के अनुसार ढह जाएगी।

चीन जानता है कि वह अमेरिका को सैन्य रूप से नहीं हरा सकता क्योंकि वर्तमान में इस हिसाब से अमरीका विश्व में सबसे बड़ा ताकतवर देश है।

तो यह है चीन का विश्व विजय फार्मूला…वायरस का उपयोग करें दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षमताओं को पंगु बनाने के लिए।

निश्चित ही नैन्सी पेलोसी को इसमें एक सहायक बनाया गया था कारण था ट्रम्प को टक्कर देने के लिए। राष्ट्रपति ट्रम्प हमेशा यह बताते रहे है कि कैसे ग्रेट अमेरिकन अर्थव्यवस्था सभी मोर्चों में सुधार कर रही है।

AMERICA GREAT AGAIN बनाने की उनकी दृष्टि को नष्ट करने का एकमात्र तरीका आर्थिक तबाही था। नैन्सी पेलोसी ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने में असमर्थ थी। ….

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इसलिए चीन के साथ मिलकर एक वायरस जारी करके ट्रम्प को नष्ट करने का यह तरीका उन्होंने अपनाया। वुहान तो महामारी का सिर्फ एक प्रदर्शन था…अब ये वायरस महामारी को चरम पर ले जा चुका है!!!

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उन प्रभावी क्षेत्रों का दौरा करने के लिए बस एक साधारण RM1 फेसमास्क पहन कर पहुंचे थे राष्ट्रपति के रूप में उन्हें सिर से पैर तक ढंका जाना चाहिए …..

लेकिन ऐसा नहीं था। वायरस से किसी भी तरह के नुकसान का विरोध करने के लिए उन्हें पहले ही इंजेक्शन लगाया गया था। इसका मतलब है कि वायरस के निकलने से पहले ही उसका इलाज चल रहा था।

अब यदि आप तर्क दें कि – बिल गेट्स ने पहले ही 2015 में एक वायरस फैलने की भविष्यवाणी कर दी थी …

इसलिए चीनी एजेंडा सच नहीं हो सकता। तो उत्तर है- हाँ, बिल गेट्स ने भविष्यवाणी की थी लेकिन वह भविष्यवाणी एक वास्तविक वायरस के प्रकोप पर आधारित थी, ना की मानवजनित।

अब चीन यह भी बता रहा है कि वायरस का पहले से ही अनुमान था ताकि इसका एजेंडा उस भविष्यवाणी से मेल खा सके और सब कुछ प्राकृतिक या स्वतः प्रकिया लगे। अभी भी यदि यह प्रमाणिक तथ्य आपको बनावटी लगता है तो आगे स्वयं देखियेगा…

चीन का अगला कदम गिरती हुई आर्थिक अर्थव्यवस्था के कगार का सामना करने वाले देशों से अब स्टॉक खरीद कर विश्व अर्थव्यवस्था को अपने नियंत्रण में करना होगा…

बाद में चीन यह घोषणा करेगा कि उनके मेडिकल शोधकर्ताओं ने वायरस को नष्ट करने का इलाज ढूंढ लिया है।
अब चीन के पास अपनी सेनाओं के शस्त्रागारों में अन्य देशों के स्टॉक हैं और ये देश जल्द ही मजबूरी में अपने मालिक के गुलाम होंगे !!

और हां, एक बात और…
जिस चीनी डॉक्टर ने इस वायरस का खुलासा किया था, वह भी चीनी अधिकारियों द्वारा हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया….