स्वतंत्र या परतंत्र भारत, कभी ऐसा नहीं हुआ, जानिए क्यों महत्वपूर्ण हैं 21 दिन का कर्फ्यू?

pm narendra modi
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रामगोपाल जाट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वो कर दिया है, जो न तो स्वतंत्र भारत में हुआ, न ही उससे पहले परतंत्र भारत में हुआ था। पीएम मोदी ने देशवासियों से 21 दिन का कर्फ्यू लगाकर देश बचाने की अपील की है। मोदी ने साफ कहा है कि अगर 21 दिन भारत बंद नहीं रहा, तो आने वाले 21 साल भी इस जगह पर नहीं पहुंच पाएगा।

देश और दुनिया के हालात का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पीएम मोदी ने देशवासियों से हाथ जोड़कर अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने आज ही 15000 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया है, जो मेडिकल फैसेलिटी बढ़ाने का काम करेगा।

पीएम मोदी ने जो ऐलान किया है, ऐसा ऐलान भारत के स्वतंत्र या परतंत्र भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया है। देश के अलग अलग कोनों में अलग अलग समय कर्फ्यू लगे होंगे, किंतु पूरे देश में एक साल पहली बार लगाया गया है, वो भी पूरे 21 दिन के लिए।

कहा जाता है इससे पहले भारत में 1920 की महामारी के समय भी हालात बैकाबू थे, लेकिन पूरे देश में एक साथ कर्फ्यू नहीं लगाया गया। तब साधन भी नहीं थे, और देश भी गुलाम भोग रहा था, इसलिए सारे फैसले भी ब्रिटेन से होते थे।

साल 1975 के वक्त भले ही इंदिरा गांधी ने करीब ढाई साल तक आपातकाल लगाया हो, लेकिन तब भी कर्फ्यू नहीं लगाया गया था। वैश्विक महामारी से निपटने के लिए पहली बार भारत में इतने बड़े पैमाने पर कर्फ्यू लगा है।

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पीएम ने साफ कहा है कि 15000 करोड़ रुपयों से लैब, मेडिकल फैसेलिटी को मजबूत किया जाएगा और देश की चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आज हमने 21 दिन का प्रतिबंधित लॉक डाउन स्वीकार नहीं किया, तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा।

पीएम मोदी ने जिस अंदाज में जनता से अपील की है, उससे साफ है कि दुनिया अब तक की सबसे बड़ी मुश्किल में फंस गई है। इससे निकलने के लिए दुनिया में कोई दवा नहीं है, सिर्फ सामाजिक कटाव ही एकमात्र उपाय है।

पीएम मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और चीन जैसे देशों के अध्ययन के आधार पर बताया कि इस वायरस के फैलने की स्पीड कही ज्यादा है। उन्होंने बताया कि शुरुआती 67 दिन में यह वायरस एक लाख लोगों तक पहुंचा, उसके बाद महज 11 दिन में दो और अगले चार दिन में ही यह तीन लाख लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है।