भोपाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार शपथ ली है। ठीक शाम को 9:00 बजे शिवराज सिंह चौहान ने 15 महीने बाद फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।

इससे पहले दिसंबर 2018 में कांग्रेस (Congress) पार्टी की तरफ से कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था। पिछले दिनों अल्पमत में आने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया था।

कमलनाथ की सरकार के अल्पमत में आने का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस (Congress) के 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा दिया जाना है। सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के हैं, जिन्होंने भाजपा (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

इससे पहले शिवराज सिंह चौहान लगातार 15 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। दिसंबर 2018 में भारतीय जनता पार्टी को कुछ ही कम सीटों के अंतराल से सरकार गवानी पड़ी थी।

मुख्यमंत्री की शपथ लेने के तुरंत बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके साथ ही कहा है कि मध्य प्रदेश को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है। सरकार ने तुरंत प्रभाव से ही कार्य करना शुरू कर दिया है।